नगर कीर्तन झाँसा मामले में बादल की कोठी का होगा घेराव

 


 


नई दिल्ली । दिल्ली से ननकाना साहिब तक नगर कीर्तन निकालने का झाँसा देकर संगतों की दसवंध रूपी माया व गहनों को धार्मिक आस्था के नाम पर कथित रूप से हड़पने के दोषी दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधकों का विरोध अब सड़कों पर होगा। इसका ऐलान नवगठित धार्मिक पार्टी जागो- जग आसरा गुरु ओट की तरफ से किया गया। पार्टी के महासचिव व मुख्य प्रवक्ता परमिंदर पाल सिंह ने जानकारी दी कि पार्टी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके के नेतृत्व में सोमवार 14 अक्टूबर को अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की दिल्ली के सफदरजंग रोड पर स्थित कोठी का घेराव किया जाएगा। क्योंकि कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा तथा महासचिव हरमीत सिंह कालका ने दिल्ली की संगत को बेवकूफ समझते हुए नगर कीर्तन के नाम पर कौम को पिछले 5 महीनों से लगातार गुमराह किया है।


परमिंदर ने कहा कि इनका गुमराहपूर्ण प्रचार श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के द्वारा कल शाम को नगर कीर्तन पर रोक लगाने के आदेश देने से 3 घंटे पहले तक निरंतर जारी रहा। इन्होंने ग्रंथी सिंहों को भी अपने भ्रमजाल का पात्र बनाकर सिख मान्यताओं तथा परंपराओं की अनदेखी भी की है। जिसके लिए सीधे तौर पर अकाली दल के अध्यक्ष भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। क्योंकि किसको पदाधिकारी बनाना है, इसका फैसला सुखबीर बादल खुद लेकर अपने प्रतिनिधि के माध्यम से कमेटी सदस्यों को संदेश भेजते है। हमारे प्रदर्शन की मुख्य माँग "नगर कीर्तन बनाम गैरजरूरी वसूली" के साजिशकर्ताओ तथा दोषियों को पंथक सेवा से बाहर करना है। साथ ही सोने की पालकी के नाम पर आए करोड़ों रुपयों तथा कई किलों सोने के गहनों का इस्तेमाल गुरु हरिक्रशन पब्लिक स्कूलों की बेहतरी, स्टाफ को वेतन देने तथा जरूरतमंद बच्चों की फीस माफी जैसे मद पर खर्च करने के लिए हो,यह भी हमारी माँग में शामिल है। 


परमिंदर ने साफ किया कि हमारा विरोध दिल्ली कमेटी के खिलाफ नहीं है, क्योंकि कमेटी कौम को कुर्बानीयों के बाद प्राप्त हुई सम्मानित संस्था है। पर हमारा विरोध कमेटी पर काबिज माफिया संस्कृति से है, जो कि लगातार कौम की भावनाओं के शोषण का प्रतीक बन रहीं है।


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