मानव जीवन में संस्कारों का महत्व पर रविवार को होगी संगोष्ठी


  • लखनऊ। आज के आधुनिक युग में इंटरनेट के प्रचलनवाट्सएपफेसबुक के कारण बच्चों में संस्कारों में कमी आई है। पहले दादा-दादीनाना-नानी की शिक्षा व कहानियों के माध्यम से बच्चों में संस्कार भरते थे। लेकिन अब कही न कहीं इसका अभाव सा आज के बच्चों में दिख रहा है। आज के युग में बच्चें अपने बुजुर्गों से ज्ञान नहीं लेकर मोबाइल में ज्ञान ढूंढता है। अभिभावकों के पास भी बच्चों को ऐसी शिक्षा के लिए कम समय रहता है।

    इसी पर विचार विमर्श करने के लिए खुशहाल स्वास्थय सेवा संस्थान हास्य योग लाफिग क्लब लखनऊ ने एक वैचारिक चेतना अभियान संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया है जिसका विषय है "मानव जीवन में संस्कारों का महत्व" यह कार्यक्रम रविवार 22 सितम्बर को शाम बजे से आठ बजे तक दयानन्द इंटर कालेजसेक्टर निक्ट अरविंदो पार्कइंदिरा नगरलखनऊ में होगा। जिसमें  पीठाधीशवरस्वामी डा. सौमित्र प्रपन्नाचार्य जी महराजश्री बलरामदास महराजमहंत हनुमान गढ़ीअयोध्या धामश्री बृजमोहन दास जी महराजमहंत श्री दशरथ गद्दीअयोध्या धामश्री राममहेश मिश्रडारेक्टर विश्व जागृति मिशननयी दिल्लीप. केसरी प्रसाद शुक्लआध्यात्मिक विचारकऔर श्री योगेश मिश्र ज्योतिषाचार्य मंच की शोभा बढ़ाएगें और अपने विचार साझा कर संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालेगे। इस कार्यक्रम के अध्यक्ष हास्ययोगी शिवराम मिश्र है।


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