मुझे गर्व है नरेंद मोदी पर

 - एस. ज़ेड.मलिक(पत्रकार)


कुछ कार्यों के लिये देश के हर नागरिकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गर्व होना चाहिये । उन्होंने अपने 5 वर्षों के प्रधानमंत्री कार्यकाल में बहुत से दृढ़ता पूर्ण फैसला ले कर सराहनीय कार्य किया है , इसमे कोई शक नही । 
पीएम मोदी भारतीय राजनीत में सधे हो या न हों लिकन उनके पास जीवन यापन व्यावस्था या व्यावस्थापक या निर्देशक का बहुत बड़ा तजुर्बा है इस बात को देश को मानना होगा । मैं संघ की नीतियों से अधिक चीर परचित नही हूँ इसलिय की मैं संघ में नही रहा , परंतु जो 1970 से अब तक देख रहा हु और संघ के जिन लोगों से मैं परचित हुआ और उनको सुना और अभी तक जो समझा उससे बस इतना ही समझ पाया हूँ कि वह सत्ता पर क़ाबिज़ रहने एवं अपने स्वार्थ तथा निजी हित के लिये हर जतन कर हिंदुत्व को जीवित रखना चाहता है, जबकि संघ, हिन्दू और हिंदुत्व को अच्छी तरह जानता है की विश्व की सबसे बड़ी आबादी 90 प्रतिशत लोग अशिक्षित अन्धविश्वासिनीय जो दिव्याशक्तिओं पर भरोसा करते है उस विश्वास को क़ायम रखने के लिये संघ ने जहां काल्पिनिक कहानियो गढ़ कर देवी देवताओं का सहारा लिया वही सांसारिक शिक्षा विज्ञान को लोगो से दूर रखने और वयाव्हारिक शिक्षा को अशिक्षित भारतीयों पर थोपने की पूरी कोशिश की , और आज भी उसका प्रयोग करता आ रहा है , संघ के जिन लोगों से में अभी तक परचित हुआ हूँ और जो उनकी कहानियां सुनी है उससे संघ की नीति में कही भी इंसांनीयत को आगे बढाने बात समझ मे नही आती । 
यह सच है कि संघ में जीवन यापन का जो तौर तरीका सिखाया जाता है उस नीति को अपनाने वाला व्यक्ति अपना जीवन अकेले बिताने में हर तरह से सक्षम और कामयाब है ।  
उन्ही में से एक कामयाब व्यक्ति नरेंद्र भाई दामोदरदास मोदी हैं, जिन्हों ने जिन्होंने अपने जीवन का बहुत अमूल्य पल संघ को सौंप दिया, जिस उम्र मी बच्चा नटखट होता है अपने माँ बाप का प्यारा लाडला होता है जिस उम्र में बच्चा अपने माँ बाप से लाड़ प्यार कर अपनी मांग अपनी इच्छा पूरी करवाता है , वह कीमती पल मोदी जी ने त्याग कर अपना जीवन संघ के नाम समर्पित कर दिया जिसका परिणाम आज प्रधानमंत्री के रूप में देश और दुनिया के सामने है। किसी को नरेंद्र मोदी पर गर्व हो या न हो लिकन मैं पहले एक भारतीय मुसलमान और एक पत्रकार होते हुय भी उन पर उनके नीतियों पर गर्व करता हूँ। बेशक उनकी नीतियां संघ के हित मे हो सकती है लेकिन कहीं न कही देश का भी लाभ है। जनता न समझ है तो उसमें नरेंद्र मोदी का क्या दोष ।


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