मोदी की गारंटी की एक और झलक है अंतरिम बजट: राजीव प्रताप रुडी

 

·       10 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था के गुणात्मक और मात्रात्मक परिवर्तन का उत्कृष्ट सारांश है

·       गरीब को शक्तिकिसान को मजबूतीश्रमिक का मान सम्मान वाला सर्वव्यापी बजट

·       उत्कृष्ट बजट के लिए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का हृदय से आभार

·       गैर विकासवादी परंपरा को खारिज कर पूरी तरह विकासवादी अंतरिम बजट है

·       भारत के तीव्र आर्थिक परिवर्तन की दिशा तय करता है बजट

नई दिल्ली : यह मोदी की गारंटी का बजट है। यह अंतरिम बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के दृष्टिकोण और वर्ष 2027 तक भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का मार्ग प्रशस्त करता है क्योंकि मोदी है तो मुमकीन है। आज संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा अपना छठा व मोदी सरकार 2.0 का अंतरिम बजट पेश किये जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सह सारण सांसद श्री राजीव प्रताप रुडी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आगे कहा कि जब हमारी आजादी को 100 साल पूरे होंगे तब के 2047 के भारत को ध्यान में रखते हुए पेश किया गया है यह बजटमोदी सरकार का अंतरिम बजट गरीबोंमहिलाओंयुवाओं और किसानों के सशक्तिकरण पर केंद्रित है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रुडी ने कहा कि यह बजट पिछले 10 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था के गुणात्मक और मात्रात्मक परिवर्तन का एक उत्कृष्ट सारांश है।” इस उत्कृष्ट यात्रा के माध्यम से देश का नेतृत्व करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी का और गहरी सोच वाले बजट भाषण के लिए वित्त मंत्री निर्मली सीतारमण जी का हृदय से आभार।’ संसद श्री रुडी ने कहा कि आमतौर पर चुनावी वर्ष में पेश किये जाने वाले अंतरिम बजट लोकलुभावन वायदों से भरे होते है। इस गैर विकासवादी परंपरा को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पूरी तरह विकासवादी अंतरिम बजट प्रस्तुत किया गया।

श्री रुडी ने कहा कि यह अंतरिम बजट माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के एक आत्मविश्वासीमजबूत और आत्मनिर्भर ‘‘विकसित भारत’’ के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। एक विकसित राष्ट्र बनाने के दृष्टिकोण के साथयह बजट भारत के तीव्र आर्थिक परिवर्तन की दिशा तय करता है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री रुडी ने कहा कि देश के सभी तबकों की प्रगति का आईना है यह बजट। बजट में समाज के हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ है। इस बजट में बुनियादी ढांचेनिर्माणविनिर्माणआवास और प्रौद्योगिकी विकास पर जोर दिया गया है। यह बजट पूरी तरह से प्रधानमंत्री जी के ‘‘पंचामृत लक्ष्यों’’ के अनुरूप है और यह अगले पांच वर्षों में भारत के अभूतपूर्व विकास का मार्ग भी प्रशस्त करता है। इस बजट ने वित्त वर्ष 24 से पूंजीगत व्यय परिव्यय को 11.1ः बढ़ाकर वित्त वर्ष 25 के लिए ₹11.11 लाख करोड़ कर दिया है। यह व्यापक पूंजीगत व्यय 2027 तक भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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