पुरातन चट्टानों के झरोखे से पृथ्वी के अतीत में झाँकने की कोशिश


नई दिल्ली : लगभग दो अरब साल पहले जब हमारे ग्रह का वातावरण ऑक्सीजन से युक्त हो रहा था, तो उस समय पृथ्वी कैसी दिखती 

पहले केवल भारी जल माना जाता था, जिसमें आइसोटोप या हाइड्रोजन के रूपों का एक विशिष्ट सेट होता है। हालाँकि, वर्तमान अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने दिखाया है कि हल्का जल, जो आज भी पाया जाता है - उस समय भी मौजूद था।

समुद्री जल का कम तापमान और हल्के जल की उपस्थिति - इस बात का दृढ़ता से समर्थन करते हैं कि लगभग दो अरब साल पहले की स्थिति प्रकाश संश्लेषक शैवाल के उभरने के लिए बिल्कुल सही थी। इन शैवालों की भूमिका मुख्य रूप से वातावरण में ऑक्सीजन प्रवाहित करने की रही है, जिससे अन्य जीवों के विकास और ग्रह को आबाद करने का मार्ग प्रशस्त हुआ। 


शोधकर्ता अब पैलियोप्रोटेरोज़ोइक युग के बारे में अतिरिक्त जानकारी इकट्ठा करने के लिए दुनियाभर के अन्य स्थानों में इसी तरह के चूना-मिट्टी के भंडार की खोज करने की योजना बना रहे हैं। (इंडिया साइंस वायर)

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