स्वतंत्रता दिवस पर देश की सभी पंचायतों में सिटीजन चार्टर लागू होगा

 सिटीजन चार्टर से पंचायतों की सेवाओं में सुगमता, गुणवत्ता व पारदर्शिता आएगी: श्री तोमर

केंद्रीय पंचायती राज मंत्री श्री तोमर ने किया पंचायतों के लिए मॉडल सिटीजन चार्टर जारी

नई दिल्ली । केंद्रीय पंचायती राज, ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री  नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को पंचायतों के लिए मॉडल सिटीजन चार्टर/ फ्रेमवर्क जारी किया। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 7 वर्षों में पंचायतों के अधिकारों में वृद्धि के साथ ही कार्यों में पारदर्शिता भी आई है। श्री तोमर ने कहा कि पंचायतों में मॉडल सिटीजन चार्टर लागू होने से जहां ग्रामीणों को आवश्यक सेवाएं मिलने में सुगमता होगी, वहीं कामकाज में तेजी के साथ ही पारदर्शिता भी आएगी। श्री तोमर ने स्वतंत्रता दिवस- 15 अगस्त के अवसर पर होने वाली ग्राम सभाओं के दौरान सिटीजन चार्टर लागू करने का लक्ष्य राज्यों द्वारा निर्धारित करने व समयबद्ध योजना बनाने को कहा है। 

इस कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत, हरिणाया के उप मुख्यमंत्री  दुष्यंत चौटाला व राज्यों के पंचायती राज मंत्री वर्चुअल जुड़े थे। इनमें उत्तर प्रदेश के मंत्री भूपेंद्र सिंह, सिक्किम के मंत्री श्री सोनम लामा, तमिलनाडु के मंत्री श के.आर. पेरियाकरूप्पन, पश्चिम बंगाल के मंत्री  सुब्रतो मुखर्जी, कर्नाटक के मंत्री  के. ईश्वरप्पा, छत्तीसगढ़ के मंत्री  टी.एस. सिंहदेव, हिमाचल प्रदेश के मंत्री  वीरेंद्र कंवर, असम के मंत्री  रंजीत कुमार दास, मध्य प्रदेश के मंत्री  राम खिलावन पटेल, उत्तराखण्ड के मंत्री  अरविंद पाण्डे तथा अरूणाचल प्रदेश के मंत्री 


बामांग फेलिक्स शामिल है। 

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि सिटीजन चार्टर के माध्यम से पंचायती राज के क्षेत्र में नया आयाम जुड़ा है। हमारे देश के लोकतांत्रिक ढांचे मे पंचायती राज संस्थाओं का महत्वपूर्ण स्थान है। एक तरह से पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र में प्रथम सरकार की भूमिका निभाती है, इसलिए इन संस्थानों पर जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है। श्री तोमर ने कहा कि केंद्रीय वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग और केंद्र व राज्य सरकार की अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन पंचायती राज संस्थाएं अपनी पूरी क्षमता के साथ बखूबी कर रही है। 

श्री तोमर ने कहा कि 14 वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुरूप 2 लाख 292 करोड़ रूपए केंद्र सरकार ने राज्यों को समय पर दिए थे। इस बार 15वें वित्त आयोग की सिफारिश पर 2 लाख 36 हजार करोड़ रू. दिए गए हैं। इससे गांवों में विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। आज आवश्यकता इस बात की है कि पंचायतों के माध्यम से विभिन्न विषयों का निष्पादन प्रारंभ हो जाए, कुछ राज्यों ने इस दिशा में बेहतर प्रयास किए हैं। उन्होंने कोविड संकटकाल में पंचायतों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि गांवों में कोविड प्रोटोकाल के पालन, केयर सेंटर, उपचार व टीकाकरण जैसे कार्यो में पंचायत से जुड़े प्रतिनिधियों-कर्मियों ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। 

पंचायती राज मंत्री श्री तोमर ने कहा कि 90 प्रतिशत पंचायतों ने अपनी ग्राम पंचायत विकास योजना बनाकर पोर्टल पर अपलोड कर दी है। अब आवश्यकता इस बात की है कि इस विकास योजना के मुताबिक गांवों में क्रमबद्ध विकास कार्य हों। पांच समस्याओं को पांच वर्ष में समाप्त करने का संकल्प पंचायतें करें, इससे गांवों के विकास में बड़े कार्य पूर्ण हो सकते हैं।  कार्यक्रम में स्वागत भाषण पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री सुनील कुमार ने दिया।