लेक्चर बाय लीजेंड’: विद्यामंदिर मेडिकल ने दूसरे वर्चुअल लेक्चर का आयोजन किया

नोएडा : ‘लेक्चर बाय लीजेंड’ का दूसरा लेक्चर जेपी अस्पताल, नोएडा में हड्डी रोग और ज्वाइंट रिप्लेसमेंट विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. संजय गुप्ता के इस कथन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ: ‘‘आज टीकाकरण हमारा सबसे बड़ा रक्षक है और जन-जन टीकाकरण अभियान (एमवीडी) समय की मांग है। कोविड-19 के विभिन्न वैक्सीनों ने 70 प्रतिशत और 80 प्रतिशत प्रभावी होने के प्रमाण दिए हंै। वैक्सीन आपको संक्रमण होने से तो नहीं बचा सकते पर मध्यम या गंभीर बीमारी के नुकसान और अस्पताल में भर्ती होने से बचा सकते हंै।” उन्होंने बताया कि टीकाकरण के बावजूद संक्रमण के जो मामले दर्ज किए गए उनमें प्रभाव हल्का दिखा और वैैक्सीन के दोनों डोज लेने वालों में मृत्यु दर के मामले कम थे। इसलिए उन्होंने सभी से वैक्सीन लेने की अपील की।


आज के हालात में इस उद्योग के विशेषज्ञों, खास कर चिकित्सकों की मांग बढ़ा दी है। वे आगे बढ़ कर इस वैश्विक स्वास्थ्य संकट से निपटने के सही रास्ते बता सकते हैं और लोगों को जागरूक कर सकते हैं। इसलिए विद्यामंदिर क्लासेस लिमिटेड ने चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों के व्याख्यानों की शृंखला शुरू की। इसका दूसरा सत्र 16 मई, 2021 को आयोजित किया गया था। विमर्श का केंद्र चिकित्सक बनने के उम्मीदवारों और अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं को इस जानलेवा वायरस पर जीत प्राप्त करने का मार्गदर्शन करने पर था।

वैज्ञानिकों का यह अनुमान है कि अगले कुछ महीनों में हमारे देश में इस अत्यधिक संक्रामक वायरस की तीसरी लहर आ सकती है। इसलिए चिकित्सा जगत ने पहले से जमीनी तैयारी करने के लिए कमर कस रखी है। लोगों को बचने के उपाय बताने से लेकर बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत अस्पतालों में सामान्य बेड और आईसीयू बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, आवश्यक चिकित्सा उपकरण, दवाएं और चिकित्सक सहित सभी स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही है।

आयोजन के दौरान डॉ. संजय गुप्ता ने चिकित्सक बनने के उम्मीदवारों को निम्नलिखित बिन्दुओं को ध्यान में रखने की अपील की:

ऽ इंसान कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता, ध्यान केंद्रित होकर, दृढ़ संकल्प से कुछ भी हासिल कर सकता है। आप में ये गुण हैं तो आपको लक्ष्य हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता।
ऽ भारत मंे एमबीबीएस करना हमेशा बेहतर होता है क्योंकि देश में बहुत-से अच्छे मेडिकल कॉलेज हैं।

ऽ यदि आपकी विदेश से कोर्स करने की योजना है - तो यूके, यूएस, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड सबसे अच्छे विकल्प हैं क्योंकि वहां पढ़ाई अंग्रेजी में होती  है।

ऽ एमबीबीएस के बाद पोस्ट ग्रैजुएशन (पीजी) करना बहुत जरूरी है। मेडिकल स्पेशलाइजेशन के लिए पीजी कोर्स हैं - एमडी, एमएस, पीजी डिप्लोमा और डीएनबी।

ऽ चिकित्सा विज्ञान इतना विशाल क्षेत्र है कि पीजी कर लेना बेहतर होगा।

इसके अतिरिक्त वर्चुअल क्लास करने के दौरान नीचे दिए गए कुछ सुझावों का पालन करें:
ऽ सही मुद्रा में बैठना महत्वपूर्ण है।

ऽ यह पहले ही सुनिश्चित करें कि आपके पास उचित बैक-अप सपोर्ट है।

ऽ लैपटॉप का कैमरा आंखों के स्तर पर रखें।

ऽ कमर के निचले हिस्से को मजबूत रखने का व्यायाम हर दिन 10 मिनट करें।

ऽ रीढ़ के विस्तार का व्यायाम करें। इससे शरीर की मुद्रा सही रखने में मदद और कमर दर्द से राहत मिलती है।

ऽ नियमित अंतराल पर अपने शरीर को स्ट्रेच करें।

डॉ. गुप्ता ने विद्यार्थियों को खुद और अपने लक्ष्यों के प्रति ईमानदार रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘‘अपने गुरुओं का महत्व समझें जिनका आपकी सफलता में 20 प्रतिशत योगदान होता है। बाकी 80 प्रतिशत आपकी मेहनत, अनुशासन, समर्पण, फोकस और प्रतिबद्धता पर निर्भर करता है। मेरा सुझाव है कि आप मॉक टेस्ट में भाग लें और संक्षिप्त नोट्स बनाएं क्योंकि वे इसका विश्लेषण करने में आपकी मदद करेंगे कि कांसेप्ट के स्तर पर आपकी समझ कितनी स्पष्ट है। कक्षा 11 नीट पर ध्यान केंद्रित करने का सही समय है। पहले या कुछ ही प्रयासों में मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास करने के इच्छुक विद्यार्थी 9वीं कक्षा से तैयारी को गंभीरता से लें।
आयोजन के संचालक विद्यामंदिर क्लासेस के राष्ट्रीय निदेशक (शिक्षा) श्री सौरभ कुमार ने दो विषयों पर अपना विमर्श केंद्रित किया - ‘कोविड 19 से उत्पन्न परिस्थिति को समझना’ और ‘चिकित्सा के क्षेत्र में कैरियर की संभावनाओं पर चर्चा’।

इस अवसर पर विद्यामंदिर क्लासेस के संस्थापक श्री बृज मोहन ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था पर कितना अधिक भार है। तेजी से बढ़ते मामलों के मद्देनजर आईसीयू बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन आदि बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं कम पड़ गई हैं। ‘लेक्चर बाय लीजेंड’ शृंखला का उद्देश्य उन तकनीकों को सब के सामने लाना है जिनका उपयोग सामान्य जीवन के नए परिवेश में हमें करना है और जिनकी मदद से महामारी से लड़ना है। इस शृंखला में हम चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों से संवाद करते हैं जिसका उद्देश्य न केवल विद्यार्थियों को इस समस्या से निपटने का सही ज्ञान देना बल्कि हमारे अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं को भी इस घातक वायरस से लड़ने में सहायता प्रदान करना है।’’

विद्यामंदिर क्लासेज (वीएमसी) का परिचय
विद्यामंदिर क्लासेज (वीएमसी) आईआईटी-जेईई और नीट की प्रवेश परीक्षा की तैयारी में सफलता के लिए पूरे देश में मशहूर नाम है। अपने 33 वर्षों के अनुभव के साथ संस्थान ने जेईई और नीट के उम्मीदवारों में सर्वाधिक चयन दर हासिल की है। इंजीनियरिंग और डाॅक्टरी पढ़ने का सपना देखने वाले लाखों उम्मीदवारों और उनके माता-पिता के लिए यह भरोसे का नाम है। वीएमसी विद्यार्थियों के सपने को अपना मानता है और उनके साथ मिल कर सब के सपने को सच करता है।

वीएमसी ने पिछले पांच वर्षों में 10000$ उम्मीदवारों को जेईई मेन्स और 5000$ उम्मीदवारों को जेईई एडवांस में सफल होने में मदद की। संस्थान ने अपनी विस्तार योजना के तहत मेडिकल के उम्मीदवारों के लिए मेडिकल प्रवेश परीक्षा तैयारी बैच शुरू किया और 2091 में संस्थान के 87.5 प्रतिशत मेडिकल उम्मीदवार सफल रहे। यह मेडिकल के लिए संस्थान का पहला बैच था और साल-दर-साल इसकी सफलता का स्तर ऊंचा हो रहा है।
वीएमसी को उच्च कोटि के अनुभवी शिक्षक और सुनियोजित अध्ययन योजना पर गर्व है जो नवीनतम परीक्षा पैटर्न के अनुसार बनी है। वर्तमान कोविड संकट में वीएमसी ने ऑनलाइन कोर्स भी शुरू की, जिसे वीएमसी गुरु कहते हंै। इसमें लाइव क्लास, वीडियो लेक्चर, अध्ययन संसाधन, साप्ताहिक और मासिक परीक्षा, व्यक्तिगत सहायता, प्रदर्शन विश्लेषण सभी का समावेश और अन्य कई लाभ हैं।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के इलाज में कारगर है ‘आयुष-64’

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस: भारतीय विज्ञान की प्रगति का उत्सव

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए हुआ " श्रीमती माधुरी सक्सेना कंप्यूटर शिक्षण केंद्र" का उद्घाटन