आईआरसीटीसी का हुनर से रोजगार तक कार्यक्रम

हुनर से रोजगार तक कार्यक्रम जिसका उदे्श्य विभिन्न कार्य क्षेत्रों में कौशल और आतिथ्य-सत्कार के क्षेत्र में रोजगारपरक श्रमशक्ति प्रदान करना है।

हुनर से रोजगार कार्यक्रम  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कौशल भारत पहल के अनुरूप है जो भारत को दुनिया की मानव संसाधन केन्द्र में बदलने का निरंतर प्रयास है।

आईआरसीटीसी ने हुनर से रोजगार तक की शुरूआत वर्ष 2012 में 50 छात्रों के एक बैच के साथ की थी जिसमें अब तक आईआरसीटीसी द्वारा लगभग 2500 छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया हैं। इस योजना में 18-28 आयु वर्ग के जरूरतमंद और बेरोजगार युवाओं को कौशल विकास के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। 

आवश्यकता के आधार पर-युवा उम्मीदवारों को भोजन, परिवहन और अध्ययन सामग्री/ यूनिफाॅर्म आदि काॅम्पलीमेन्टरी रूप में व पाठ्रयक्रम से संबंधित सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है।

इस कार्यक्रम के अन्तर्गत पेश किए गए कौशल विकास रोजगार पाठ्यक्रम की अवधि मल्टी-कुजीन कुक (3 महीने), खाद्य और पेय सेवा (2) महीने)और होम डिलीवरी बाॅयज (2 महीने) की हैं।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री के स्टार्टअप इंडिया ,स्टैण्डअप इंडिया  और आत्मनिर्भर भारत के परिकल्पना को साकार करने के लिए रेलवे मंत्री के नेतृत्व में भारतीय रेलवे बडे पैमाने पर प्रौद्योगिक क्रान्ति के दौर से  गुजर रही है। यह हम सुनिश्चित करते है दुनिया मे भारत को आत्मनिर्भर देश एवं मानव संसाधन कंेन्द्र के रूप में देख सके।

इसी कड़ी में आईआरसीटीसी ने अब तक 2500 छात्रों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम का संचालन वर्ष 2012 से किया हुआ है और इसे सीबीएसपी के अन्तर्गत पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रयोजित कौशल निर्माण के लिए छोटी सी टीम हुनर से रोजगार तक के नाम से पुनः आरंभ किया है। इस कार्यक्रम का उदे्श्य आतिथ्य-सत्कार, खानपान एवं पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के लिए कुशल बनाने हेतु अभ्यार्थियों को तैयार करना है।

यह कार्यक्रम 2020-2021 के लिए आईआरसीटीसी के बेस किचन परिसर, अजमेरी गेट साइड, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में आयोजित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के अन्तर्गत कराए जाने वाले कौशल विकास रोजगारपरक पाठ्यक्रम मल्टी-कुजी (3 महीने) खान-पान (स्टीवर्ड) (2 ) महीने) और होम डिलीवरी बाॅय (2 महीने) तथा इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने के लिए मल्टी-कुजी और होम डिलीवरी बाॅय  उम्मीदवार की न्यूनतम योग्यता 8 वीं पास होनी चाहिए एवं खान-पान (स्टीवर्ड) न्यूनतम योग्यता 10 वीं पास होनी चाहिए। दोनों पाठ्यक्रम में आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।

जरूरतमंदो पर आधारित यह कारीगरी, कुशलता एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम, इस बात को ध्यान मंे रखकर उम्मीदवारों को टूलकिट, दोपहर का भोजन और अन्य पाठ्यक्रम से संबंधित अध्यन सामग्री बिना किसी चार्ज के प्रशिक्षुगण को प्रदान कि जाएगी। 

पाठ्यक्रम समापन के पश्चात् प्रत्येक सफल उम्मीदवार को प्रमाण पत्र और रू. 1500-2000 प्रतिमाह छात्रवृत्ति से सम्मानित किया जाएगा। आईआरसीटीसी भविष्य में अभ्यर्थियांे को रोजगार प्राप्त करने के लिए उनकी सहायता करने के लिए प्रयासरत है।

पर्यटन मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है यह एक सराहनीय कोर्स, अपने आप में एक सम्पूर्ण समाधान की तरह है, जो युवा वर्ग को सिर्फ रोजगारन्मुखी ही नहीं बल्कि स्वावलंबी बनाने के क्षेत्र में प्रयास करती है।