सरकार के न्योता को स्वीकर का बातचीत में शामिल हुए भाकियू भानु के नेता

 रद्द हों नए कृषि कानून, 60 वर्ष से अधिक के हर किसान को मिले 10 हजार मासिक पेेंशन 

नोएडा/दिल्ली। नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन में गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु) को सरकार की तरफ से वार्ता का न्योता दिया गया। न्योता को स्वीकार करने के बाद पांच सदस्यीय प्रीतिनिधिमंडल को दिल्ली के कृषि मंत्रालय ले जाया गया। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय मुख्य महासचिव महेंद्र चौरोली, राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बेगराज गुर्जर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी अजब सिंह कसाना, राष्ट्रीय अध्यक्ष आईटी सेल केपी सिंह और गौतमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष राजीव नागर को पुलिस की सुरक्षा में ले जाया गया। भाकियू नेताओं से कृषि मंत्रालय के केंद्रीय अपर सचिव आशीष भूटानी से वार्ता कराई गयी। 

भाकियू भानु के प्रदेश महासचिव चौधरी बीसी प्रधान ने बताया कि आशीष भूटानी ने प्रतिनिधिमंडल की मांगें सुनीं। बातचीत के दौरान किसानों नेताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन डा. आशीष भूटानी को दिया। ज्ञापन में मांग की गई कि किसान अयोग का गठन किया जाय और उसमें सिर्फ किसानों को ही शामिल किया जाए, उसमें कोई राजनेता न हो। ज्ञापन में कहा गया है कि किसान का पूरा परिवार बिना किसी वेतन के जीवनभर देश का पेट भरने का काम करता है। देश को अन्न, दूध, फल पैदा कर देता है। इसलिए 60 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके प्रत्येक किसान को प्रतिमाह 10 हजार रुपये पेंशन दी जाए। लॉकडाउन में बिना किसी किसान संगठन के चर्चा के लाए तीनों कानूनों को तुरंत खत्म करने की मांग की गई है। इसके अलावा गोवंश का गोबर सरकार गांव गांव से 25 रुपये किलो खरीदे। उसका जैविक खाद बनाए, जिससे गोवंश भी सुरक्षित रहेगा और किसान भी पालेगा। ज्ञापन में किसान की खेती करते समय दुर्घटना होने पर उसके परिवार को एक करोड़ मुआवजा देने की मांग की गई है। 

बीसी प्रधान के मुताबिक कृषि मंत्रालय में केंद्रीय अपर सचिव डा. आशीष भूटानी ने कहा कि वह ज्ञापन को केंद्रीय कृषि मंत्री को सौंप देंगे। उन्होंने भरोसा दिया कि इस बाबत शीघ्र ही कुछ निर्णय लिया जाएगा। धरना स्थल पर भाकियू भानु के किसान नेताओं ने फैसला लिया कि मांगे पूरी होने तक दिल्ली कूच का धरना जारी रहेगा।