सेल ने ‘अटल सुरंग’ के लिए 9 हजार टन से अधिक स्टील की आपूर्ति की

कंपनी ने परियोजना की कुल ज़रूरत की दो तिहाई स्टील की आपूर्ति


नई दिल्ली : भारत की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने “अटल रोहतांग सुरंग” के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले स्टील के अधिकांश हिस्से की आपूर्ति की है, जिसका उद्घाटन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। इस परियोजना में इस्तेमाल किए गए कुल 15,000 टन स्टील में से 9,000 टन से भी अधिक की गुणवत्तापूर्ण स्टील की आपूर्ति सेल द्वारा की गई है। 3,000 मीटर से भी अधिक की ऊंचाई पर स्थित यह सुरंग दुनिया की सबसे लंबी सड़क सुरंग बनने के लिए तैयार है। कंपनी ने एक बार फिर से देश के एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के निर्माण और भारत को मजबूत बनाने में अपनी भागीदारी निभाई है।


केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सेल की सराहना करते हुए कहा, “यह सुरंग स्थानीय लोगों को आवागमन की सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ, रणनीतिक गतिविधियों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी। इसके साथ ही यह सुरंग स्पीति घाटी से जुड़ाव में मददगार साबित होगी। निर्माण स्थल और मौसम की भारी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए, यह सुरंग हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। सेल ने इस परियोजना के लिए भारी मात्रा में स्टील की आपूर्ति की है। सेल हमेशा से देश निर्माण की जरूरतों को पूरा करने में आगे रहा है और स्टील की हर ज़रूरत को पूरा किया है और सेल का देश निर्माण की दिशा में यह योगदान आगे भी जारी रहेगा”। यह सुरंग सभी मौसमों में आवागमन के लिए अनुकूल होगी, जो पूरे वर्ष के दौरान हिमाचल प्रदेश में मनाली को लाहौल और स्पीति वैली को जोड़ेगी। सेल द्वारा आपूर्ति की जाने वाली 9000 टन स्टील में, बिम्स बनाने के लिए लगभग 6500 टन टीएमटी, 1500 टन स्ट्रक्चलर और 1000 टन प्लेट और स्टेशन एवं कंट्रोल रूम बनाने के लिए के लिए कुछ मात्र जीपी/जीसी शीट्स की शामिल हैं।


सेल अध्यक्ष  अनिल कुमार चौधरी ने कहा, “सेल हमेशा से देश सेवा के प्रति प्रतिबद्ध है और देश निर्माण के लिए इसी तरह आगे भी काम करता रहेगा। कंपनी के लिए यह एक और गर्व का क्षण है कि उसने भारत को मजबूत बनाने वाले इस महत्वपूर्ण परियोजना में भागीदारी निभाई है। सेल अपनी नई सुविधाओं के जरिये देश की घरेलू जरूरतों को पूरा करने की क्षमता और विशेषज्ञता बढ़ा रही है। भारत ‘आत्मनिर्भर’ बनने की राह की ओर बढ़ रहा है, जिसके लिए देश के हर ज़रूरी बुनियादी ढांचे की ज़रूरत को पूरा करने लिए, सेल मजबूत स्टील के उत्पादन को जारी रखेगा”।