मानसिक स्वास्थ दिवस पर लेनी चाहिए बैंक कर्मचारियों में जागरूकता पैदा करने की शपथ

नयी दिल्ली


हर साल 10 अक्टूबर को पूरे विश्व में विश्व मानसिक स्वास्थ दिवस मनाया जाता है। ये दिवस इसलिए मनाया जाता है ताकि लोगों के बीच मानसिक स्वास्थ के मुद्दों के बारे में जागरुकता बढ़ सके। शारीरिक बीमारी के बारे में तो हम सारी चीजें जानते हैं और साथ ही उसका इलाज भी मिल जाता है लेकिन आज की इस जिंदगी में मानसिक बीमारी एक बहुत बड़ी समस्या है और इससे लड़ने के लिए पूरे विश्व को मिलकर लड़ने की जरूरत है ।


आज दुनिया में कई सारे लोग डिप्रेशन या फिर किसी ना किसी और मानसिक बीमारी के शिकार है। ये बीमारी आज के दौर में इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि हर दूसरा व्यक्ति इससे ग्रस्त है। लोगों को मानिसक रोग की चपेट में आने से कई बार आत्महत्या का ख्याल भी आता है। हर साल विश्व मानसिक स्वास्थ दिवस के लिए हर साल अलग-अलग थीम रखी जाती है, इस साल “सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य: अधिक से अधिक निवेश, ज्यादा से ज्यादा पहुंच” रखी गई है। इसी थीम पर पूरे विश्व में कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे।


बैंकिंग इंडस्ट्री में पिछले चार वर्षों में 100 से ज्यादा बैंकर्स ने आत्महत्या की है। बैंकिंग इंडस्ट्री के लिए इस तरह आत्म्हात्याओं का बढना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। आजकल बैंकों में काम के दबाव के कारण कर्मचारियों द्वारा आत्महत्याओं की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। आये दिन किसी न किसी बैंक के कर्मचारी द्वारा आत्महत्या की खबर आ जाती है। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि ज्यादातर आत्महत्या करने वाले युवा बैंकर्स हैं । आत्महत्या के कई कारण हो सकते हैं जैसे परिवारिक या बैंक से सम्बन्धित। बैंक से सम्बंधित कारणों में काम का दबाव, उच्च प्रबंधन द्वारा उत्पीडन, उच्च प्रबंधन द्वारा गलत लोन को देने के लिए दबाव, थर्ड पार्टी प्रोडक्ट्स के टारगेट का दबाव और किसी गलत लोन देने के बाद रिकवरी न होना हो सकते हैं। -2- कुछ कर्मचारी अधिकारी इन सब कारणों में भी दबाव में नहीं आते लेकिन कुछ संवेदनशील कर्मचारी अधिकारी इन परिस्थितियों का सामना नहीं कर पाते और आत्महत्या कर लेते हैं। जिस संस्था में प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच अच्छा तालमेल होता है वो संस्था ज्यादा प्रगति करती है।


बैंकों में आज एच आर विंग ( मानव संसाधन विंग) तो हैं लेकिन ह्यूमन रिलेशन और मानवता जैसी कोई चीज नहीं है। बैंकों की प्रगति के लिये यह अच्छा नहीं है। विश्व मानसिक स्वास्थ दिवस पर वित् मंत्रालय, बैंक प्रबंधन और बैंकों की यूनियनस को बैंक कर्मचारियों में स्वस्थ मानसिक वातावरण की जागरूकता पैदा करने की शपथ लेनी चाहिए। आज इस वातावरण से निबटने के लिये वित् मंत्रालय, बैंक प्रबंधन, बैंक यूनियनस और कर्मचारियों, अधिकारियों को मिलकर सोचना होगा। बैंक प्रबंधन कर्मचारियों, अधिकारियों को सिर्फ कर्मचारी, अधिकारी न समझें, कर्मचारी अधिकारी ह्यूमन कैपिटल हैं। बैंकों में होने वाली विभिन ट्रेनिंग में भी इस विषय पर चर्चा हो और कर्मचारियों, अधिकारियों को जागरूक किया जाये। यूनियंस को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए काम करने की जरूरत है। यूनियंस द्वारा भी होने वाली ट्रेनिंग में इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए । वित् मंत्रालय को भी इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। बैंकों में काम के लिए दबावमुक्त वातावरण बनाने तथा एक कमेटी बनाकर इन कारणों को जानने की जरूरत है ।