पुरानी लकीर को पीटने के बजाय नई लकीर खींची जाए और दिल्ली के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को एक एमनेस्टी स्कीम के द्वारा अधिकृत किया जाए -कैट ने हरदीप पुरी से की मांग

नई दिल्ली 


दिल्ली का अगले मास्टरप्लान 2041 को लेकर डीडीए ने राजधानी के विभिन्न लोगों से लगातार सलाह मशवरा शुरू किया गया है ! इसी कड़ी में आगामी 1 अक्टूबर को डीडीए दिल्ली के व्यापारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक कर रहा है जिसमें कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के नेतृत्व में दिल्ली के सभी भागों के प्रमुख व्यापारिक संगठन भाग लेंगे और भविष्य के लिए तैयार हो रहे मास्टरप्लान पर व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं और पक्षों को मजबूती से रखेंगे ! इससे पहले डीडीए दिल्ली के आरडब्ल्यूए के साथ पहले ही मीटिंग कर चुका है !


इस क्रम में कैट के राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवाल और कैट के दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष  विपिन आहूजा ने कहा की दिल्ली के बेहतर भविष्य के लिए मास्टरप्लान 2041 एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज होगा जिसको बहुत ध्यान से बनाये जाने की जरूरत है ! उन्होंने इस विषय में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री श्री हरदीप पुरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा की यह पहली बार हो रहा है की दिल्ली के मास्टरप्लान को सभी वर्गों ख़ास तौर पर व्यापारियों से सलाह मशवरा किया जा रहा है जिससे निश्चित रूप से दिल्ली में व्यावसायिक स्थलों का अधिकृत रूप एवं सही तरीके से निर्माण हो सकेगा ! श्री हरदीप पुरी ने इस सम्बन्ध में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं की दिल्ली देश का सबसे बड़ा व्यापारिक वितरण केंद्र है , इस दृष्टि से दिल्ली में व्यापार सुव्यस्थित तरीके से चले और व्यापार के नए नए अवसर दिल्ली में बढ़े, इस बात का ख्याल मास्टर प्लान में रखा जाना जरूरी है ! इस मामले में कैट ने दिल्ली के उपराजयपाल श्री अनिल बैजल के सहयोग की भी सराहना की हैं जिन्होंने व्यापारियों की वास्तविक दिक्कतों को समझा है और समय समय पर डीडीए के चैयरमैन रहते हुए व्यापारियों की सुविधा के अनेक फैसले किये हैं


श्री खंडेलवाल ने श्री हरदीप पुरी से आग्रह करते हुए कहा की दिल्ली को यदि स्मार्ट एवं विश्वस्तरीय सिटी बनाना है तो सरकार को एक कट ऑफ डेट के साथ दिल्ली के लोगों को एक एमनेस्टी स्कीम देनी होगी और कट ऑफ़ डेट तक बने सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को अधिकृत करना होगा और उसके एवज में ऐसे अधिकृत करने पर एक वाजिब शुल्क भी लगाया जा सकता है , इससे जहाँ दिल्ली के लोगों को सीलिंग एवं तोड़ फोड़ से राहत मिलेगी वहीँ दूसरी ऒर दिल्ली के तीनों नगर निगम को बड़ी मात्रा में राजस्व भी प्राप्त होगा !


श्री खंडेलवाल ने कहा की अब तक दिल्ली में तीन मास्टर प्लान आये हैं और है मास्टर प्लान में वर्णित प्रावधानों को लागू ही नहीं किया गया ! वास्तव में नगर निगम सहित अन्य सरकारी विभाग मास्टर प्लान के प्रावधानों को लागू करने में बेहद फेल हुए जिसका खामियाजा दिल्ली के व्यापारियों को भुगतना पड़ा है और बड़ी संख्यां में दिल्ली में सीलिंग और तोड़ फोड़ के शिकार व्यापारी हुए हैं ! उन्होंने कहा की यदि पुराने को ठीक करने में लगे रहे तो पुराना कभी ठीक नहीं होगा और ठीक इसके विपरीत नया भी पुराने की तरह अवैध निर्माण चलो रहेगा ! इस सन्दर्भ में उन्होंने उदहारण देते हुए कहा की वर्ष 2007 में जब मास्टर प्लान लागू किया गया था उसके बाद दिल्ली में लगभग 40 प्रतिशत से ज्यादा अवैध निर्माण और हो गया है ! इस सच्ची हकीकत को समझते हुए एक बार कट ऑफ़ डेट के साथ दिल्ली की दुकानों को अधिकृत किया जाए और भविष्य के लिए क़ानून बहुत सख्त बनाये जाएँ जिसमें किसी भी क़ानून को तोड़ने पर अभूतपूर्व सजा का प्रावधान हो तभी दिल्ली को बेहतर बनाया जा सकता है !


 श्री खंडेलवाल ने कहा की इस विषय को लेकर वे शीघ्र केंद्रीय शहरी विकास मंत्री  हरदीप पुरी और दिल्ली के उपराजयपाल  अनिल बैजल से मिलेंगे !