केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने किया हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की परियोजनाओं का ऑनलाइन उद्घाटन

-केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री संजय शामराव धोत्रे सहित प्रदेश के शिक्षा मंत्री कंवर पाल भी रहे उपस्थित


-पुरूष छात्रावास, अभियांत्रिकी कार्यशाला, मिनी ऑडिटोरियम, वाई-फाई पार्क, कुलपति आवास -सह- कैम्प कार्यालय का हुआ उद्घाटन


हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि), महेंद्रगढ़ में संसाधनों के विकास के स्तर पर जारी प्रयासों के अंतर्गत मंगलवार 8 सितम्बर को भारत सरकार में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने पाँच परियोजनाओं का ऑनलाइन समारोह में उद्घाटन किया। पुरूष छात्रावास, अभियांत्रिकी कार्यशाला, मिनी ऑडिटोरियम, वाई-फाई पार्क, कुलपति आवास -सह- कैम्प कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री संजय शामराव धोत्रे, प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल व स्थानीय सांसद श्री धर्मबीर सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ ने सभी गणमान्य अतिथियों को स्वागत किया और इस आयोजन में शामिल होने के लिए उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की। 


ऑनलाइन आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री  रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि आज का युग डिजिटल प्रणाली का युग है। यह तकनीक का ही करिश्मा है कि आज मैं हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से कर पा रहा हूँ। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय आधारभूत संरचना के मोर्चे पर प्रगति के साथ-साथ शिक्षा एवं शोध के मोर्चे पर भी देश के उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच अपनी अलग पहचान रखता है। इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि विश्वविद्यालय ने शिक्षण, अनुसंधान व नवाचार के मोर्चे पर जिस तरह से कार्य किया है, वह सराहनीय है। नैक द्वारा पहली ही बार ‘ए’ ग्रेड प्राप्त कर लेना उल्लेखनीय है। इन उपलब्धियों और संस्था के बेहतर भविष्य हेतु उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई और शुभकामनाएँ दी।  


रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच भी ऑनलाइन माध्यम से विश्वविद्यालय के विद्यार्थी व शिक्षक एक-दूसरे के सम्पर्क में रहे और पढ़ाई को नियमित रखा, जिसके लिए वे बधाई के पात्र है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने संकट की घड़ी में अपने अध्ययन को जारी रखते हुए विश्वविद्यालय के साथ मिलकर विभिन्न माध्यमों से लोगों को कोरोना वायरस के खतरे के प्रति जागरूकता अभियान चलाया तथा मास्क व सेनेटाइजर वितरित किए। ये सभी कार्य समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दिखाते हैं। इसी के साथ-साथ उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में कहा कि यह शिक्षा नीति 34 वर्षों पुरानी शिक्षा नीति को प्रतिस्थापित करेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 युवाओं के सर्वांगीण विकास पर आधारित विजन डॉक्यूमेंट है जोकि सकल नामांकन अनुपात में बढ़ोतरी का लक्ष्य प्रस्तुत करता है। साथ ही इसमें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु विद्यार्थियों को कौशल विकास के मोर्चे पर भी सुदृढ़ बनाने की दिशा में दूरदर्शी सोच प्रस्तुत की गई है। डॉ. निशंक ने कहा कि माननीय प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी युवाओं के कौशल विकास पर भी विशेष जोर दे रहे हैं और इसी का परिणाम है कि अब वोकेशल स्टडी की शुरूआत स्कूली स्तर पर होने जा रही है। सरकार की ओर से बढ़ाया गया यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत‘ के सपने को साकार करने में महत्ती भूमिका अदा करेगा। इस नीति में विशेष रूप से मातृभाषा में अध्ययन को प्राथमिकता दी गई है जोकि विद्यार्थियों को उनकी भाषा में अध्ययन के अवसर प्रदान करेगी। यह बदलाव अवश्य ही विद्यार्थियों की नींव मजबूत करने में मददगार होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से पुनः आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति, परम्परा, दर्शन व विचार को समाहित कर वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करने वाली इस नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफलतम क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाएं। 


इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री  संजय शामराव धोत्रे ने कहा कि हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय ने प्रथम-दृष्ट्या जो छाप छोड़ी है उससे मुझे लगता है कि यहाँ के सक्रिय व गतिशील नेतृत्व, भावप्रवण अध्यापक-गण व ऊर्जस्वी विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की सफलता के लिए कठोर परिश्रम किया है। थोड़े ही समय में विश्वविद्यालय परिवार ने सुपरिभाषित दर्शन एवं लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सफल कार्य किया है, फिर चाहे वह शिक्षक-भर्ती का मामला हो, नए पाठ्यक्रम शुरु करने का प्रश्न हो, शोध या नवप्रवर्तन हो, सामुदायिक विकास हो, आधारभूत संरचनात्मक ढांचा हो, या छात्रों की संख्या में प्रचुर विविधता। विश्वविद्यालय पूरे देश से विद्यार्थियों तथा अध्यापकों के रूप में उत्कृष्ट बुद्धिमत्ता, योग्यता व निपुणता को आकृष्ट करने में सफल रहा है, उसी का परिणाम है कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तथा नेट, जे.आर.एफ. तथा गेट आदि में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। शैक्षणिक ढांचे को विस्तृत करने में, प्रकाशनों में, शोध-प्रकल्पों में, नवप्रवर्तन दक्षता एवं प्रौद्योगिकी विकास को समर्पित केन्द्र के आधीन नवोन्मेषों में विद्यार्थियों की सफलता में, तथा मूक कोर्सों के साथ नवप्रवर्तनात्मक ज्ञान की रणनीतियों में अद्भुत सफलता प्राप्त की है। विश्वविद्यालय द्वारा 15 ज्ञान कोर्सों को संचालित किया जाना, ज्ञानार्जन में, परस्पर सहयोगात्मक नीतिपरकता का स्पष्ट उदाहरण है, जिनमें विभिन्न देशों के विषय-विशेषज्ञों ने यहीं पर रहकर यहाँ के छात्रों को पढ़ाया है। इस अवसर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री  कंवर पाल व संसद सदस्य श्री धर्मबीर सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।


इससे पूर्व विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ ने आयोजन में शामिल मुख्य अतिथि श्री रमेश पोखरियाल निशंक; विशिष्ट अतिथि  संजय शामराव धोत्रे; प्रदेश के शिक्षा मंत्री  कंवर पाल व स्थानीय सांसद  धर्मबीर सिंह का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की प्रगति से अवगत कराया। प्रो. आर.सी. कुहाड़ ने इस अवसर पर एक वृत्तचित्र, ‘प्रगति के पथ पर विश्वविद्यालय‘ के माध्यम से विश्वविद्यालय के विकास की जानकारी गणमान्य अतिथियों के समक्ष प्रस्तुत की।


कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अधिष्ठाता, प्रो. संजीव कुमार ने सभी गणमान्यों का कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्तुत किया।