यूपी में कोविड अस्पतालों पर सरकार ने खर्च किए 450 करोड़ : सीएम योगी  

 


- प्रदेश में एक लाख 51 हजार कोविड-19 बेड की व्यवस्था, 32 टेस्टिंग लैब भी 


 


- यूपी में अब तक 29 लाख 96 हजार लोगों का किया गया कोविड टेस्ट


नोएडा। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर प्रदेशवासियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित करने तथा कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज करने का सरकार लगातार प्रयास कर रही है। 


सेक्टर 39 नोएडा में नवनिर्मित कोविड अस्पताल के सभागार में महामारी, विकास कार्यक्रमों और कानून व्यवस्था के बाबत हुई बैठक में सीएम योगी ने कहा कि महामारी की इस घड़ी में बिल एवं मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन तथा टाटा ट्रस्ट के सहयोग से शनिवार को भव्य कोविड अस्पताल का 250 बेड से शुभारंभ किया गया है। वहीं, दूसरी ओर मोबाइल डेलीसेज मशीन की व्यवस्था भी अत्याधुनिक अस्पताल में की गई है। अस्पताल में अन्य आधुनिक मशीनों के साथ ही विश्वस्तरीय लैब तैयार किया गया है। 


अस्पताल के सभागार में मुख्यमंत्री ने मेरठ मंडल के सभी जनपदों के नोडल अधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों के साथ कोविड-19 महामारी, कानून व्यवस्था तथा विकास के संबंध में बैठक करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए सभी प्रदेशवासियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित बनाने तथा कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों का यथा समय इलाज संभव कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार के द्वारा 450 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में 1.51 लाख बेड की व्यवस्था सरकार के पास उपलब्ध है। 


सीएम योगी ने कहा कि कोरोना की जांच के लिए दो माह पूर्व पूरे प्रदेश में एक लैब स्थापित थी, लेकिन सरकार ने वर्तमान में पूरे प्रदेश में 32 टेस्टिंग लैब की स्थापना कर चुकी है। इन लैब में अब तक 29 लाख 96 हजार लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है। सबसे अधिक टेस्ट करने वाला यूपी देश का दूसरा राज्य है। उन्होंने कोविड-19 के मद्देनजर मंडल के सभी जनपदों की समीक्षा की। गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में महामारी की रोकथाम के लिए शानदार काम करने पर प्रशासन और पुलिस की सराहना की। उन्होंने अफसरों का हौसला भी बढ़ाया। उन्होंने कोरोना के संक्रमण को समाप्त करने और नागरिकों को महामारी से सुरक्षित करने के लिए आगे भी काम करने के निर्देश दिए। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआर के जनपदों में कोरोना से मरने वालों की संख्या में कमी आई है। आगे इस प्रयास को जारी रखना जरूरी है। उन्होंने बुलंदशहर एवं बागपत जिले में एल-3 अस्पताल की स्थापना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों को समुचित इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले 15 दिनों के भीतर प्रदेश में कोरोना मृत्यु दर को एक प्रतिशत से कम पर लाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। 


मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था पर संतोष जाहिर किया और कहा कि गौतमबुद्ध नगर में कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद अपराधों में कमी आई है। इसके लिए उन्होंने पुलिस अफसरों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपराधियों और माफिया के विरुद्ध बेहद सख्ती से कार्रवाई की जाए। इसमें कहीं भी लापरवाही या पक्षपात असहनीय होगी। 


मंडलायुक्त अनीता सी. मेश्राम ने कोविड-19 के बाबत मंडल के सभी जनपदों में की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। बैठक का संचालन जिला अधिकारी सुहास एलवाई ने किया। डीएम सुहास ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और भरोसा दिया कि सरकार के निर्देशों का हर हाल में पालन किया जाएगा। 


इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर, विधायक पंकज सिंह, विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह, विधायक तेजपाल नागर, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष आलोक टंडन, ग्रेटर नोएडा के सीईओ नरेंद्र भूषण, नोएडा की सीईओ ऋतु माहेश्वरी के अलावा मंडलभर के कोविड-19 के नोडल अधिकारी आदि मौजूद थे। 


 


 


 


 


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