वन्देभारत रेल परियोजना से चीनी कम्पनी सीआरआरसी को हटाने की कैट ने की गोयल से मांग

सुशील कुमार जैन, संयोजक, कैट दिल्ली एन सी आर, चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के अपने राष्ट्रीय अभियान " *भारतीय सामान -हमारा अभिमान* " के तहत कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज केंद्रीय रेल मंत्री  पीयूष गोयल को भेज एक पत्र में कैट ने मांग की है की भारतीय रेलवे के अर्ध-उच्च गति स्वदेशी ट्रेन 18 परियोजना के लिए वैश्विक निविदा में भाग लेने के लिए चीन के स्वामित्व वाली कम्पनी सीआरआरसी कॉर्पोरेशन को भाग न लेने दिया । 44 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए इस परियोजना का कुल मूल्य 1500 करोड़ रूपए से अधिक है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवाल ने श्री गोयल को भेजे पत्र में कहा कि चीन की कम्पनी सीआरआरसी कॉर्पोरेशन गुड़गांव स्थित एक फर्म के साथ एक संयुक्त उद्यम के साथ उक्त रेलों की प्रणोदन प्रणाली या इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन की खरीद के लिए जारी टेंडर में छह दावेदारों में से एक है। 44 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन या ट्रेन के लिए किट चूंकि भारतीय रेलवे की यह परियोजना प्रधान मंत्री  नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया आवाहन का एक हिस्सा है, इसलिए इस तथ्य और वर्तमान में चल रही परिस्थितियों को देखते हुए चीनी कम्पनी को इस परियोजना में भाग नहीं लेने देना चाहिए बल्कि इस रेल परियोजना के लिए किसी भारतीय कंपनियों पर ही रेल मंत्रालय को अधिक जोर दिया जाना चाहिए  सुशील कुमार जैन, संयोजक,कैट (दिल्ली एन सी आर) ने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान "लोकल पर वोकल " और "आतमनिर्भर भारत" श्री गोयल इस महत्वाकांक्षी और प्रतिष्ठित परियोजना में चीनी कम्पनी को भाग लेने से रोकने के लिए तुरन्त आवश्यक कदम उठाएंगे ।