‘80% नागरिक कोविड महामारी के दौरान रुपाणी सरकार से संतुष्ट’

अहमदाबाद (IIM-A) की एक रिपोर्ट में कोविड-19 महामारी के दौरान राज्य में किए गए कार्यों के लिए सराहना मिली है। गुजरात पुलिस ने जिस तरह सफलता से लॉकडाउन को कामयाब बनाया और राज्य में कानून व्यवस्था लागू की उसके लिए पुलिसकर्मियों की प्रशंसा की गई है।


इस रिपोर्ट के आधार पर गुजरात के नागरिक महामारी के प्रति रूपाणी सरकार के दृष्टिकोण से संतुष्ट हैं। IIM की रिपोर्ट का नाम “Management of Covid-19 Pandemic in Gujarat: Understanding the government initiatives, leadership processes and their impact” यानि ‘गुजरात में कोविड-19 महामारी का प्रबंधन: सरकारी पहल, नेतृत्व प्रक्रिया और उनके प्रभाव को समझना” है। यह रिपोर्ट IIM के प्रोफेसर रंजन कुमार घोष और उनकी टीम द्वारा तैयार की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक “सर्वेक्षण में शामिल 80% से अधिक लोगों ने कोविड -19 महामारी के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री के नेतृत्व के प्रति संतुष्टि व्यक्त की। राज्य भर में खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत राशन कार्डधारकों और गैर-राशन कार्ड धारकों को भी नियमित रूप से राशन दिया गया। 96 प्रतिशत कोरोना वॉरियर्स को कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा गियर दिए गए। गुजरात पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान अनुकरणीय कार्य किया। भारत के सभी प्रवासियों में से 6% को अकेले गुजरात ने 1000 श्रमिक ट्रेनों के माध्यम से सुरक्षित घर पहुंचाया”। IIM द्वारा यह डेटा राज्य सरकार के साथ साझा किया गया है। इसका मकसद केवल यह बताना था कि कैसे मुश्किल वक्त में सरकार, पुलिस और नौकरशाही मिलकर काम करते हैं और उस काम का आधारभूत विवरण तैयार करना था। रिपोर्ट को चार खंडों में विभाजित किया गया है - "ऑन-ग्राउंड रिस्पॉन्स", "नेतृत्व की भूमिका", "नागरिकों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं का फीडबैक" और "दूसरे राज्यों द्वारा अपनाई गई योजनाओं से तुलना"।


रिपोर्ट में की गई स्टडी में उन सभी पहलों का उल्लेख किया गया है जो राज्य में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए की गई है। गुजरात ने किस तरह राज्य के 4 बड़े शहरों में कोविड अस्पतालों का निर्माण करके लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई और ऐसे ही कई उदाहरणीय कामों के बारे में बताया गया है। श्रमिक ट्रेनों के माध्यम से हज़ारों प्रवासी कामगारों को किस तरह सुरक्षित उनके गृहनगर तक पहुंचाया गया इस बारे में भी रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है। “देश की कुल श्रमिक ट्रेनों में से 25% गुजरात से गईं जिसमें 15 लाख मज़दूर और उनके परिवार सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अपने घर पहुंचे”। राज्य सरकार द्वारा अभूतपूर्व तरीके से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) द्वारा हर मज़दूर और कामगार वर्ग को फ्री में राशन भी उपलब्ध कराया गया।


कोविड-19 के दौरान रूपाणी सरकार के उल्लेखनीय कदम 1) मुख्यमंत्री रूपाणी की अध्यक्षता में एक कोर कमिटी का गठन किया गया जिसने COVID-19 के ग्राउंडवर्क की समीक्षा की और राज्य को महामारी की चपेट से बाहर निकालने के लिए रणनीति तैयार की। 2) अहमदाबाद, बड़ौदा, राजकोट और सूरत को चार ज़ोन में बांटकर वरिष्ठ नौकरशाहों वहां के निरीक्षण और नागरिकों को हर सुविधा मुहैया कराने की ज़िम्मेदारी दी गई। 3) कोरोना को फैलने से रोकने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम भी बनाई गई जिसका उद्देश्य पूरे हेल्थ केयर सिस्टम के लिए एक ऐसा ब्लू प्रिंट तैयार करना था जिसके आधार पर आगे बढ़ा जा सके।इसके लिए 8 विशेषज्ञ डॉक्टर की टीम बनाई गई। 4) लॉकडाउन की वजह से किसानों को हो रही परेशानी को समझते हुए उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए फसलों की कटाई, भंडारण और ट्रांसपोर्ट की अनुमति दी। 5) किसान सम्मान निधि के तहत 2,000 रुपये की राशि जमा करके किसानों को बढ़ते हुए कर्ज़ और लॉकडाउन में अपने परिवारों की देखभाल करने में मदद की। 6) 25 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा के तुरंत बाद, खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग को मुफ्त राशन वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सीएम के निर्देशानुसार खाद्य विभाग ने सरकार द्वारा अनुमोदित 17000 उचित मूल्य की अनाज दुकानों में 15 दिन के अंदर राशन पहुंचा दिया। 7) चेक-पोस्ट, पेट्रोलिंग, बैरिकेडिंग, राज्य और ज़िला सीमाओं की सीलिंग, और विभिन्न क्षेत्रों की निगरानी का काम भी पुलिस द्वारा नियंत्रित किया गया। 8) सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से मुख्मंत्री विजय रूपाणी ने व्यक्तिगत रूप से रोगियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य और स्वच्छता कार्यकर्ताओं, पुलिस कर्मियों से बात की और उनका प्रोत्साहन बढ़ाया। 9) गुजरात के 26 ज़िलों के 31 प्राइवेट अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमित मरीज़ों के उपचार की व्यवस्था की गई। 10) 15 लाख प्रवासी मज़दूरों को 1000 श्रमिक ट्रेनों के माध्यम से घर पहुंचाया गया। सिर्फ उन्हीं श्रमिकों को यात्रा इजाज़त दी गई जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं पाया गया। 11) गुजरात ने भारत समेत पूरी दुनिया में 3 करोड़ से अधिक HCQ दवाएं सप्लाई की हैं। इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लेकर गुजरात सरकार ने कोविड के ख़िलाफ़ सराहनीय काम किया है। गुजरात कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक होने के बावजूद इसके ख़िलाफ़ तत्परता से कार्य कर रहा है और इसी के कारण लगातार राज्य का रिकवरी रेट भी बढ़ रहा है।


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

*"आज़ादी के दीवानों के तराने* ’ समूह नृत्य प्रतियोगिता में थिरकन डांस अकादमी ने जीता सर्वोत्तम पुरस्कार

सेक्टर 122 हुआ राममय. दो दिनों से उत्सव का माहौल

ईश्वर के अनंत आनंद को तलाश रही है हमारी आत्मा