प्रेरणा और आत्मचिंतन ही समाज को सही रूप देने में समर्थ : प्रो. नरेंद्र तनेजा

जीवन में ईमानदारी से निभाएं जिम्मेदारियां : कुलपति

 

मेरठ। कुलपति स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान के दूसरे चरण में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार तनेजा ने कहा कि आत्मचिंतन तनाव से बचने का सबसे बेहतर उपाय है। शिक्षक व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को आत्मचिंतन करना चाहिए। वर्तमान समय में भागदौड़ लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। इससे लोगों में तनाव रहने लगा है। तनाव को कम करने के लिए हमें अपने बारे में सोचना चाहिए।

 

परीक्षा परिणाम से तनाव न लें छात्र :

 

कोरोना महामारी के कारण परीक्षा परिणाम में देरी हुई है। लेकिन, अब परीक्षाओं के परिणाम आने शुरू हो गए हैं। इन परिणामों से घबराने की आवश्यकता नहीं है। जो छात्र उत्तीर्ण हो गए हैं, अच्छा है। लेकिन, जो अनुत्तीर्ण हुए हैं या फिर कम नंबर आए हैं, उन छात्रों को एकांत में बैठकर आत्मचिंतन करना चाहिए। क्या कारण है कि उनके इतने कम नंबर आए। छात्रों के लिए आत्मचिंतन बहुत जरूरी है।

 

सही गलत में फर्क करना सीखें :

 

प्रो. तनेजा ने कहा कि हम लोगों को आत्मचिंतन करना चाहिए कि जो हम कर रहे हैं, क्या वह सही। सही और गलत में अंतर करना हम लोगों को सीखना चाहिए। हमे एकांत में बैठकर सोचना चाहिए कि जो मैं कार्य कर रहा हूं, उससे किसी की हानि तो नहीं हो रही। मैं उसको तनाव तो नहीं दे रहा हूं। इन सब चीजों के बारे में व्यक्ति को आत्मचिंतन जरूर करना चाहिए।

 

कोरोना ने भागदौड़ से दी राहत :

 

कोरोना महामारी ने हम लोगों को भागदौड़ भरी जिंदगी से राहत जरूर दी है। हम सभी ने अपने परिवार के साथ खूब समय व्यतीत किया है। इस महामारी में हम लोगों को अनेक बातें सीखने को मिली हैं। पहला यह कि बिना भागदौड़ के भी हम अपने परिवार को खुशी दे सकते हैं। कम साधन से भी अपने घर को चला सकते हैं। एक दूसरे की मदद करके खुशियों को बांट सकते हैं। इस बारे में प्रत्येक व्यक्ति को अकेले में बैठकर आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है।

 

ईमानदारी से निभाएं जिम्मेदारियां : 

 

कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि हम लोगों को अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। कार्यक्षेत्र हो या फिर सामाजिक क्षेत्र, हमें जो भी जिम्मेदारी मिले, उसे पूरी ईमानदारी के साथ निभाना चाहिए। कितना भी कठित कार्य हो उससे भागनाा नहीं चाहिए, उसे पूर्ण करके ही दम लेना चाहिए। 

 

कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार तनेजा के आह्वान पर विश्वविद्यालय में कुलपति स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान की शुरुआत की गई है। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला के मार्गदर्शन में इस अभियान की जिम्मेदारी जन्तु विज्ञान विभाग को दी गई है। इसके दूसरे चरण में कुलपति ने सभी से आत्मचिंतन करने के लिए कहा है। यह मनुष्य के जीवन के लिए बहुत जरूरी है। प्रति कुलपति वाई विमला ने प्रोग्राम की तैयारियों के बारे में बताया कि विश्वविद्यालय आत्मनिर्भर की भूमिका में अपने दृढ़ विश्वास रखता है, इसलिए अपने स्तर पर जागरूकता और स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रियाएं अपना रहा है। कार्यक्रम का संचालन व वैज्ञानिक रूपरेखा प्रो. नीलू जैन गुप्ता, विभागाध्यक्ष जन्तु विज्ञान विभाग ने बनायी है।

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