टिड्डी दलों पर नियंत्रण हेतु तत्परता से किया जा रहा है कार्य

 


केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर ने समीक्षा कर प्रभावी नियंत्रण के लिए दिए निर्देशटिड्डी नियंत्रण संगठन 50 स्प्रे उपकरण/वाहनों के साथ राज्यों से समन्वय करते हुए जुटे हैं


नियंत्रण क्षमता बढ़ाने के लिए खरीदे जा रहे हैं अतिरिक्त उपकरणराजस्थान के 5 व पंजाब के 1 जिले में 150 जगह 14,299 हे. क्षेत्र में किया नियंत्रण


नई दिल्ली । राजस्थान और पंजाब के कुछ जिलों में टिड्डी दलों पर नियंत्रण के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा तत्परता से कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री  नरेंद्र सिंह तोमर ने इस संबंध में समीक्षा कर प्रभावी नियंत्रण के लिए निर्देश दिए हैं। टिड्डी नियंत्रण संगठन 50 स्प्रे उपकरण/वाहनों के साथ राज्य सरकारों व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समन्वय कर जुटे हुए हैं। नियंत्रण क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त उपकरण भी खरीदे जा रहे हैं। अभी तक राजस्थान के 5 व पंजाब के 1 जिले में 150 जगह 14,299 हेक्टेयर क्षेत्र में नियंत्रण किया जा चुका है।          


भारत में 2 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक अनुसूचित रेगिस्तान क्षेत्र में भारत सरकार के 10 टिड्डी सर्किल कार्यालय, जो राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर, फलौदी, बाड़मेर, जालौर, चूरू, नागौर व सूरतगढ़ जिलों और गुजरात के पालनपुर और भुज जिलों में स्थित हैं, राज्य सरकार के कृषि विभागों एवं जिला प्रसाशन के साथ समन्वय कर टिड्डी दलों की निगरानी,​​ सर्वेक्षण और नियंत्रण का कार्य करते हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार के कृषि विभाग द्वारा फसलों में कीट नियंत्रण का कार्य किया जाता है। वर्ष 2019-20 के दौरान देश के कुछ हिस्से में बड़े पैमाने पर टिड्डियों का हमला हुआ था, जिसे टिड्डी सर्किल कार्यालयों के कर्मियों ने राज्यों के कृषि एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर सफलतापूर्वक नियंत्रित किया। 21 मई 2019 से शुरू होकर 17 फरवरी 2020 तक, कुल 4,03,488 हेक्टेयर क्षेत्र का उपचार किया गया और टिड्डी दलों को नियंत्रित किया गया।


आमतौर पर, मानसून के आगमन के साथ, जून/जुलाई के महीने में गर्मियों में प्रजनन के लिए टिड्डी दल पाकिस्तान के रास्ते भारत के अनुसूचित रेगिस्तान क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, परंतु इस वर्ष, 11 अप्रैल 2020 से ही राजस्थान व पंजाब के सीमावर्ती जिलों में टिड्डी हॉपर और 30 अप्रैल से गुलाबी अपरिपक्व वयस्कों की उपस्थिति दर्ज हुई, जिन्हें नियंत्रित किया गया और ये कार्रवाई लगातार जारी हैं। इसकी एक वजह पाकिस्तान में पिछले मौसम के अनियंत्रित दल रहे, जिन्होंने लगातार प्रजनन किया। गुलाबी अपरिपक्व वयस्क के दल ऊंची उड़ान भरते हैं और पाकिस्तान की तरफ से आने वाली तेज हवाओं के साथ लंबी दूरी तय करते हैं। इनमें से अधिकांश गुलाबी अपरिपक्व वयस्क रात के दौरान पेड़ों पर बसते हैं और ज्यादातर दिन के दौरान उड़ते हैं।


           आगामी दिनों में टिड्डी दलों के और संभावित हमले पर नियंत्रण हेतु कृषि मंत्रालय द्वारा तत्परता से कार्य किया जा रहा है। दक्षिण-पश्चिम एशियाई देशों (अफगानिस्तान, भारत, ईरान व पाकिस्तान) में रेगिस्तानी टिड्डी को लेकर उच्चस्तरीय आभासी बैठक 11 मार्च 2020 को नई दिल्ली में एफएओ के कार्यालय में आयोजित हुई थी। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, सदस्य देशों के तकनीकी अधिकारियों की वर्चुअल मीटिंग हर सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हो रही है। अब तक 8 बैठकें आयोजित हो चुकी हैं। इन बैठकों मे तकनीकी सूचना का आदान-प्रदान होता हैं।फ़रवरी व मई में मंत्रालय के स्तर पर राज्यों के कृषि सचिवों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक एवं वीसी का आयोजन कर टिड्डी की स्थिति देखते हुए तैयारी की समीक्षा की गई और आने वाले मौसम के लिए पूर्व अनुभवों के आधार पर रणनीति तैयार की गई। राज्यों को टिड्डी के पूर्वानुमान से अवगत कराया जा रहा हैं और एडवाइजरी भी लगातार जारी की जा रही हैं।कृषि मंत्री श्री तोमर जी ने इन सबकी नियमित जानकारी लेने के साथ ही, टिड्डी नियंत्रण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए टिड्डी दलों के हमले से निपटने के लिए प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने हेतु दिशा-निर्देश दिए हैं।कोविड-19 की प्रतिकूल स्थितियों के बावजूद, टिड्डी नियंत्रण संगठन 50 स्प्रे उपकरण/वाहनों के साथ, जिला प्रशासन और राज्य कृषि विभाग के अधिकारियों से समन्वय कर उनके द्वारा विभिन्न स्थानों पर तैनात ट्रैक्टर-स्प्रेयर और फायर-टेंडर वाहन के साथ टिड्डी नियंत्रण का कार्य कर रहे हैं। टिड्डी नियंत्रण संगठनों की नियंत्रण क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त उपकरणों का क्रय भी किया जा रहा है। अब तक राजस्थान के जैसलमेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, बाड़मेर, नागौर जिले और पंजाब के फाजिल्का जिले में हॉपर और गुलाबी झुंडों का नियंत्रण कुल 150 स्थानों पर 14,299 हेक्टेयर क्षेत्र में किया गया है। वर्त्तमान में, राजस्थान के बाड़मेर, फलौदी (जोधपुर), नागौर, श्रीगंगानगर और अजमेर जिलों में अपरिपक्व टिड्डियों के झुंड सक्रिय हैं। नियंत्रण कार्य सुबह जल्दी शुरू कर दिया जाता है।


नियंत्रण डेटा का जिलावार सारांश 10.05.2020 तक का अद्यतन  -
























































जिले का नाम / राज्य



उपचारित स्थान संख्या



कुल उपचारित क्षेत्र (हेक्टेयर)



जैसलमेर (राजस्थान)



22



2114



श्रीगंगानगर (राजस्थान)



57



3220



जोधपुर (राजस्थान)



13



3215



बाड़मेर (राजस्थान)



31



3835



नागौर (राजस्थान)



4



1020



अजमेर (राजस्थान)



2



235



पाली (राजस्थान)



2



75



फाजिल्का (पंजाब)



19



585



कुल योग



150



14299