हॉलिस्टिक अप्रोच को पायलट स्डटी में शामिल करेगा सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी 

मरीजों पर आयुर्वेदिक दवाओं के मिल रहे हैं बेहतरीन परिणाम : प्रो. राजकुमार


इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में कोविड 19 से प्रभावित 83 मरीजों को दुरुस्त करने के लिए अपनाये गये हॉलिस्टिक अप्रोच फार्मूले को देशभर में पायलट स्डटी में शमिल करेगा। 


सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. राजकुमार ने गुरुवार को बताय कि यूनिवर्सिटी के कोविड-19 अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज में अपनाये गये 'हॉलिस्टिक अप्रोच' के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। इन्हें देश के अन्य अस्पतालों द्वारा भी सफलतापूर्वक अपनाया जा रहा है। यूनिवर्सिटी द्वारा कोविड-19 के मरीजों के इलाज में आयुर्वेदिक दवाओं के परिणाम के लिए एक पायलट स्टडी किया जा रहा है, जिसमें की राज निर्वाण बूटी (आरएनबी) जो कि 12 आयुर्वेदिक संघटकों का प्यूरिफाइड समिश्रण है, को कोविड-19 से प्रभावित माडरेट और सीवियर सिम्टम वाले मरीजों में साइंटिफिक रिसर्च के प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए आजमाया गया, जिसके काफी सकारात्मक परिणाम मिले हैं। शीध्र ही इस महत्वपूर्ण रिसर्च को देश के सामने लाया जायेगा।


उन्होंने बताया कि अब तक 83 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज किये जा चुके हैं। इन सभी मरीजों का एलोपैथिक इलाज के साथ ही सदियों से प्रचलित आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से भी किया गया। इन सभी मरीज को राज निर्वाण काढ़ा (आरएनके) भी दिया गया। इस काढ़े के कोरोना मरीजों एवं हेल्थ केयर वर्कस पर सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए इसे देशभर में अपनाया गया है।


कुमार ने बताया कि यूनिवर्सिटी से अब तक 83 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होकर विश्वविद्यालय द्वारा डिसचार्ज किये जा चुके हैं। वर्तमान में कुल 9 मरीज कोविड-19 अस्पताल में भर्ती हैं। इन सभी मरीजों का समुचित इलाज प्रशिक्षित मेडिकल टीम द्वारा पूरी तत्परता से किया जा रहा है। कुलपति प्रो. राजकुमार ने बताया कि यूनिवर्सिटी में कोरोना वायरस और कोविड के मरीजों पर लगातार रिसर्च भी किया जा रहा है। इन महत्वपूर्ण शोध कार्यों को कई राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठित जर्नल में पब्लिश भी किया जा रहा है। अभी तक लगभग 15 रिसर्च पेपर या तो पब्लिश हो चुके हैं या पब्लिश होने की प्रक्रिया में शामिल हैं। इन शोध कार्यों से कोरोना वायरस के संक्रमण को समझने में, मरीजों के इलाज आदि में मदद मिलेगी और राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना वायरस से लड़ने के लिए बनाये जा रहे गाइड लाइन्स पर इन शोध कार्यों का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।


संकायाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि सभी फैकेल्टी मेम्बर्स द्वारा कोरोना वायरस से जुड़े हुए शोध कार्यों को प्रतिष्ठित जर्नल में शीध्र प्रकाशित करने की प्रक्रिया चल रही है । सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी कोरोना वायरस के बेहतरीन इलाज के साथ ही सम्बन्धित रिसर्च कार्यो द्वारा इस महामारी के खिलाफ लडाई में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।


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