10 राज्यों व संघ शासित प्रदेशों की 177 और मंडियां कृषि उपज विपणन के लिए ई-नाम प्लेटफार्मसे जुड़ी

किसानों के लाभ के लिए ई-नाम को बनाया जा रहा है मजबूत- श्री तोमर


 


देश में ई-नाम से जुड़ी मंडियां 962 हुईं, समय-सीमा से पूर्व बढ़ाई संख्या


 


एक राष्ट्र-एक बाजार की प्रधानमंत्री की परिकल्पना से करोड़ों किसानों को लाभ


 


ई-नाम पर 1 लाख करोड़ रू. से ज्यादाहो चुका व्यापार,शीघ्र 1 हजार से ज्यादा होगी मंडियां


नई दिल्लीकेंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि विपणन क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनीउपज बेचने की सुविधा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) के साथ आज 177 और मंडियों को जोड़ दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से इन नई मंडियों को जोड़ने का शुभारंभ करते हुएश्री तोमर ने कहा कि किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए ई- नाम को सतत मजबूत बनाया जा रहा है और आगे भी यह प्रयास जारी रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के लाभ के लिए प्रौद्योगिकी के महत्वाकांक्षी उपयोग के रूप में ई-नाम पोर्टल की परिकल्पना की थी, जिसके बहुतेरे लाभ देश में परिलक्षित हो रहे हैं।


केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने पिछले दिनों 7 राज्यों की 200 मंडियों को ई-नाम से जोड़ा था, तब उन्होंने कहा था- मई अंत तक इनकी संख्या करीब एक हजार हो जाएगी। इस समय-सीमा के पूर्व ही177 मंडियां ई-नाम से जोड़ दी गई। नई जोड़ी मंडियों में गुजरात की 17, हरियाणा की 26, जम्‍मू-कश्‍मीरकी 1, केरल की 5, महाराष्ट्र की 54, ओडिशाकी 15, पंजाब की 17, राजस्थान की 25, तमिलनाडुकी 13 और पश्चिम बंगाल की 1 मंडी शामिल हैं। 177 नई मंडियों के शुभारंभ के साथ, ई-नाम से सम्बद्धमंडियां 962 हो गई है। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री परषोत्तमरूपाला व श्री कैलाश चौधरी तथा सचिव  संजय अग्रवाल भी उपस्थित थे।


इससे पहले, 17 राज्यों और 2 संघ शासित प्रदेशों की 785 मंडियों कोई-नाम के साथ जोड़ा गया था, जिनका उपयोग करने वाले 1.66 करोड़ किसान, 1.30 लाख व्यापारी और 71,911 कमीशन एजेंट रहे है। इस प्लेटफॉर्म पर 9 मई 2020 तक, कुल 3.43 करोड़ मीट्रिक टन और संख्‍या में 37.93 लाख बांस और नारियल का कारोबार किया गया, जिसका सामूहिक मूल्‍य 1 लाख करोड़ रू. से अधिक है।


ई-नाम प्‍लेटफॉर्म के माध्यम से 708 करोड़ रू. का डिजिटल भुगतान किया गया, जिससे 1.25 लाख से अधिक किसानों को फायदा हुआ है। ई-नाम,मंडी/राज्य की सीमाओं से परे व्यापार की सुविधा देता है। 12 राज्यों में अंतर-मंडी व्यापार में कुल 236 मंडियों ने भाग लिया, जबकि 13 राज्यों/संघ शासित प्रदेशों ने अंतर-राज्य व्यापार में हिस्‍सा लिया, जिससे किसानों को दूर के व्यापारियों के साथ सीधे बातचीत करने की अनुमति मिलती है। वर्तमान मेंखाद्यान्न, तिलहन, रेशे, सब्जियों और फलों सहित 150 वस्तुओं का व्यापार ई-नामपर किया जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म पर 1,005 से अधिक एफपीओ पंजीकृत हैं और इसने 7.92 करोड़ रू. मूल्य की 2,900मीट्रिक टन कृषि उपज का कारोबार किया है।


कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान मंडियों से भाड़ कम करने के लिएकृषि मंत्री श्री तोमर ने 2 अप्रैल 2020 को एफपीओ ट्रेड मॉड्यूल, लॉजिस्टिक्‍स मॉड्यूल और ईएनडब्ल्यूआर आधारित भंडारण मॉड्यूल की शुरूआत की थी। तब से 15राज्यों के 82एफपीओ ने 2.22 करोड़ रू. मूल्‍य के 12,048 क्विंटल जिंसों की कुल मात्रा के साथ ई-नाम पर कारोबार किया है। नौ लॉजिस्टिक्स सर्विस एग्रीगेटर्स ने ई-नाम के साथ साझेदारी की, जिसमें 2,31,300 ट्रांसपोर्टर्स हैं, जो साझेदारों की परिवहन सेवा जरूरतों को पूरा करने के लिए 11,37,700ट्रकों की उपलब्धता प्रदान कर रहे हैं।


राष्ट्रीय कृषि बाजार, केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी और सफल योजना है, जो मौजूदा एपीएमसीमंडियों का समूह बनाती है ताकि कृषि जिंसोंके लिए एकीकृत राष्‍ट्रीय बाजार बनाया जा सकें। इससे क्रेता और विक्रेता के बीच सूचना की असमानता को समाप्‍त कर और वास्तविक मांग व आपूर्ति के आधार पर वास्‍तविक समय मूल्य खोज को बढ़ावा देकर, एकीकृत बाजार में प्रक्रियाओं को सरल बनाकर,कृषि विपणन में एकरूपता को बढ़ावा दिया जा सकता है।


1 मई 2020 कोश्री तोमर ने 7 राज्यों की 200 ई-नाममंडियों को जोड़ा था, साथ ही कर्नाटक के आरईएमएस (एकीकृत बाजार पोर्टल-यूएमपी) और ई-नाम पोर्टल के बीच अंतर-संचालन भी शुरू किया था। यह इन दोनों प्लेटफार्मों के बीच अंतर-संचालन सुविधा का उपयोग करके, दोनों प्लेटफार्मों के व्यापारियों व किसानों को व्यापार के लिए अधिक बाजारों तक पहुंचने का अवसर प्रदान करता है।


अपने पहले चरण (585 मंडियों को जोड़ने) में ई-नामकी उपलब्धियों को देखते हुए, यह 15 मई 2020 से पहले 415 अतिरिक्त मंडियों को जोड़ने के साथ अपने पंख फैलाकर विस्तार के मार्ग पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री की “एक राष्ट्र- एक बाजार” (वन नेशन- वन मार्केट)की संकल्‍पना को पूरा करने के लिए ई-नाम मंडियों की कुल संख्यादेश में शीघ्र ही 1,000 से अधिक हो जाएगी। लघु किसान कृषि व्यवसाय संकाय (एसएफएसी) भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में ई-नाम को लागू करने की प्रमुख एजेंसी है।