कैट ने प्रधानमंत्री से एक मंत्रियों के समूह का गठन करने का आग्रह किया

कोरोना वायरस के व्यापार एवं उद्योग पर प्रभाव को लेकर


नयी दिल्ली


कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस के कारण भारत के व्यापारऔर लघु उद्योग और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव की ओर उनका ध्यान आकृष्ट करते हुए एक मंत्रियों के समूह के गठन का आग्रह किया है जो इस स्तिथि पर पैनी नज़र रखते हुए कोरोना वायरस के कारण देश के व्यापार एवं लघु उद्योग तथा आपूर्ति श्रंखला को सुचारु रूप से चलाये रखने पर अपना ध्यान केंद्रित करे !


 


कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवालने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा है की पिछले एक दशक से अधिक समय के दौरान, चीन ने भारत के व्यापार और लघुउद्योग में गहरी जड़ें जमाई हैं जिसके चलते तैयार माल की आपूर्ति करके याछोटे उद्योगों द्वारा आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति करके या बड़ी मात्रा में विभिन्न वस्तुओं के लिए स्पेयर पार्ट्स की आपूर्तिकरके जो असेम्ब्लिंग इकाइयों द्वारा सामान बनाने में काम आते हैं  का बड़े पैमाने पर आयात चीन से भारत में हो रहाहै ! प्रति वर्ष चीन से बड़े पैमाने पर आयात के आंकड़े इस बात की समुचित पुष्टिकरते हैं!  दुर्भाग्य से, चीन से आयातआसान और सस्ता होने के कारण इस दौरान भारतीय आयातकों ने विश्व में किसी भी अन्य देश में पर्याप्त वैकल्पिक स्रोत नहीं खोजे !


ऐसे समय में जब व्यापार और उद्योग चीन में बंद हो गए हैं एवं सभी निर्यात भी पूरी तरह से बंद हैं इससे हमारे देश की आपूर्तिश्रृंखला में पर्याप्त व्यवधान हो सकता है।इस संदर्भ में कैट ने प्रधानमंत्री श्री मोदी सेअनुरोध किया है की   वे एक मंत्रियों के समूह गठन करें जो निर्बाध आपूर्तिश्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए सभीपहलुओं पर गौर कर सके और उत्पादन क्षमता के तत्काल विस्तार के लिए आवश्यक सुविधाएँ देने का आकलन करसके तथा लागु उद्योगों की प्रोडक्शन क्षमता को किस प्रकार बढ़ाया जा सकताहै, उस पर गम्भीरतापूर्वक विचार करे !


 


कैट ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से यह भी कहाहै की भारत की तरह, दुनिया के अन्य देश बड़ी संख्या माल की आपूर्ति  के लिए चीन पर निर्भर है। इस संदर्भ में कैट ने सुझाव दिया है कि मेक इन इंडिया कार्यक्रम केतहत भारत में उत्पादन सुविधाओं कोस्थापित करने के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रोत्साहित करके विश्व में भारतको चीन का वैकल्पिक बनाने की संभावनाओं पर विचार करते हुएआवश्यक कदम उठाये जाएँ ! 


कैट ने कहा है की मंत्रियों के समूह को इसबात की जाँच करनी चाहिए कि क्या चीनसे सामानों का आयात या अन्य देशों केचीनी सामानों के आयात से भारतीय नागरिकों के स्वास्थ्य को कोई खतरा हैऔर यदि ऐसा है, तो उपचारात्मक कदमहोना चाहिए। ई कॉमर्स सहित किसी भीतरह से भारत में इस तरह के आयात कीकोई प्रविष्टि न हो, यह सुनिश्चित किआ जाना आवशयक है । भारतीय व्यापारियोंऔर छोटे उद्योगों को अपनी उत्पादनक्षमता को मजबूत करने के लिए एकपैकेज प्रदान करने के लिए तत्काल कदमों की आवश्यकता है ताकि आपूर्ति श्रृंखलाका प्रवाह न रुके। दीर्घकालिक उपायों केतहत सरकार को यह सुनिश्चित करने के तरीकों और साधनों पर भी ध्यान देनाचाहिए कि किसी भी देश पर बड़ी मात्रा मेंआयात की  निर्भरता नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह हमारी अर्थव्यवस्था को अपंगकर देगा। कैट ने इस मुद्दे पर देश भर के 7  करोड़ व्यापारियों के सहयोग का आश्वासन दिया है !


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