*कैट ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया की अमेज़न के सीईओ से मीटिंग से पहले प्रधानमंत्री कैट प्रतिनिधिमंडल से मिलें*

नोएडा


सुशील कुमार जैन संयोजक कैट दिल्ली एन सी आर ने बताया कि अमेज़ॅन के सीईओ श्री जेफ बेजोस की आगामी भारत यात्रा और प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी संभावित बैठक के मद्देनजर कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेजे एक पत्र 
में आग्रह किया है की अमेज़न सीईओ की प्रधानमंत्री से मीटिंग से पहले प्रधानमंत्री कैट के एक प्रतिबिधिमण्डल से  मिलें ताकि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर तथ्यात्मक स्थिति के बारे में प्रधानमंत्री को कैट अवगत करा सके की कैसे अमेज़न और फ्लिपकार्ट देश के छोटे व्यापारियों के व्यापार को नष्ट कर रहे हैं और सरकार को राजस्व का चूना लगा रहे हैं !


कैट ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र  में कहा कि अमेजन के सीईओ श्री जेफ बेजोस की प्रधानमंत्री से मिलने की उत्सुकता निश्चित रूप से ई-कॉमर्स में अमेजन द्वारा अनुचित व्यापारिक गतिविधियों को रोकने के लिए और अमेजन द्वारा सरकार की एफडीआई नीति के उल्लंघन की व्याख्या अपने तरीके से करने की है और अपनी गलत नीतियों पर पर्दा डालने के लिए है !


कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बीसी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने प्रधान मंत्री को भेजे पत्र में कहा है की लगभग दो महीने पहले कैट ने वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल के साथ अमेज़न की सरकार की एफडीआई नीति के घोर उल्लंघन के खिलाफ संबंधित साक्ष्य के साथ शिकायत की थी। श्री गोयल ने अमेज़न एवं फ्लिपकार्ट पर कैट द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों का तत्काल संज्ञान लेते हुए, मामले को पूरी गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को शिकायत की जांच करने का निर्देश दिया और स्पष्ट रूप से कई बार आश्वासन दिया कि किसी को भी एफडीआई नीति का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


श्री भरतिया और श्री खंडेलवाल ने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि ई-कॉमर्स कंपनियों जिसमें प्रमुख रूप से अमेज़न और फ्लिपकार्ट की अनैतिक एवं अस्वस्थ व्यापारिक नीति  के कारण देश भर के छोटे व्यापारियों के व्यापार को बहुत नुकसान पहुंचा है। ब्रांड कंपनियों और बैंकों के साथ उनकी मिलीभगत ने किराने की दुकानों, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल आइटम, फैशन अपेरल्स, रेडीमेड गारमेंट्स आदि में काम करने वाले हजारों छोटे व्यापारियों को व्यापार बंद करने के लिए मजबूर कर दिया है।


दोनों नेताओं ने दोहराया कि देश के व्यापारी ई-कॉमर्स के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि कैट प्रधानमंत्री के दूरदर्शी "डिजिटल इंडिया" मिशन के तहत बहु-गतिविधियों में लगा हुआ है और हर व्यापारी के व्यक्तिगत ई-स्टोर बनाकर व्यापारियों को ई-कॉमर्स व्यवसाय से जोड़ रहा है। इस दृष्टि से ई कॉमर्स व्यापार में सामान प्रतिस्पर्धा को स्थापित करने के लिए अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को एफडीआई नीति के हर प्रावधान का पालन करने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए तथा उनके द्वारा लगातार जीएसटी और आयकर की देयता से बचने के लिए जो हथकंडे अपनाये जा रहे हैं उसकी भी जांच की जानी चाहिए ! अमेज़न एवं फ्लिपकार्ट कीमतों को कृत्रिम रूप से कम कर सरकार को कर राजस्व की बड़ी हानि पहुंचा रहे हैं ! ये कंपनियां आदतन कर अपराधी हैं और न केवल ई-कॉमर्स बल्कि भारत के खुदरा व्यापार को नियंत्रित करने और  उस पर हावी होने के लिए हर साधन और तरीके  से देश के ई कॉमर्स एवं रिटेल व्यापार पर अपना कब्ज़ा करके दूसरी ईस्ट इंडिया कंपनी बनना चाहती है।