'शून्य काल सहित सभा के अन्य साधनों के माध्यम से संसदीय लोकतंत्र का सुदृढ़ीकरण तथा क्षमता निर्माण' पर चर्चा

देहरादून : भारत में विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन, जिसका उद्घाटन आज लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने किया, में कार्यसूची मद, अर्थात शून्य काल सहित सभा के अन्य साधनों के माध्यम से संसदीय लोकतंत्र का सुदृढ़ीकरण तथा क्षमता निर्माण पर चर्चा की गयी। कार्यवाही की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने की और इसकी सह-अध्यक्षता उत्तराखंड विधान सभा के अध्यक्ष श्री प्रेम चंद अग्रवाल और राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश ने की।


कार्यसूची मद 'शून्य काल सहित सभा के अन्य साधनों के माध्यम से संसदीय लोकतंत्र का सुदृढ़ीकरण तथा क्षमता निर्माण' पर चर्चा प्रारंभ करते हुए राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश ने कहा कि चैम्‍बर में व्यवधान की निगरानी के एक उपाय के रूप में 'संसदीय व्यवधान सूचकांक' विकसित किया जा सकता है। इससे अनुशासनहीनता की घटनाओं को रोकने में भी मदद मिल सकती है और सदन के समक्ष मुद्दों पर बहस और चर्चा के लिए अधिक समय उपलब्ध होगा। राज्यसभा के उपसभापति सहित कुल 11 वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए और बहुमूल्य सुझाव दिए। चर्चा के दौरान अन्य सिफारिशों सहित प्रमुख निष्कर्ष थे : (i) सदस्यों के लिए क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण व्यवधान कम करेगा और उनके कार्यकरण में सुधार करेगा, तथा इसके अलावा सदन में बहस की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा; (ii) सदन में व्यवधानों को कम से कम करने के लिए सदस्यों के लिए आचार संहिता बनाए जाने की आवश्यकता है, विशेषकर सदन के वेल में प्रवेश करने और विरोध करने पर निलंबित किए जाने के संबंध में; (iii) कार्य की प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों में एकरूपता लाने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए; (iv) राज्य राज्‍य के विधानमंडलों की बैठकों की संख्‍या को बढ़ाने की आवश्यकता है; और (v) मीडिया को सदन में हुई साकारात्मक बहस को कवर करना चाहिए।


राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. सी.पी.जोशी; पंजाब विधानसभा के उपाध्यक्ष, सरदार अजायब सिंह भट्टी; कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष श्री विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी; गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष श्री राजेंद्र त्रिवेदी; पश्चिम बंगाल विधान सभा के अध्यक्ष श्री बिमान बनर्जी; केरल विधानसभा के अध्यक्ष श्री पी.श्रीरामकृष्णन; ओडिशा विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. सूर्य नारायण पात्रो; बिहार विधानसभा के अध्यक्ष श्री विजय कुमार चौधरी; दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष श्री राम निवास गोयल; और आंध्र प्रदेश विधान परिषद के सभापति, श्री एम.ए.शरीफ ने चर्चा में भाग लिया और व्‍यापक योगदान किया।


तत्पश्चात, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला की पहल पर, सम्मेलन की कार्यवाही शून्यकाल की तर्ज पर संचालित की गई, जिसमें प्रतिनिधियों ने अपने विधानमंडलों से जुड़े विशिष्‍ट मुद्दे उठाए।


सम्मेलन कल 19 दिसंबर, 2019 को कार्यसूची मद 'संविधान की दसवीं अनुसूची और अध्यक्ष की भूमिका' पर चर्चा के साथ पुन: आरंभ होगा। सम्मेलन की समाप्‍ति समापन सत्र के साथ होगी जिसकी अध्‍यक्षता माननीय राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य द्वारा की जाएगी।