बी.एस.पी. प्रमुख द्वारा नागरिकता संशोधन विधेयक के प्रति लिए गए स्टैण्ड को सराहा गया

नई दिल्ली : बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने, पिछले दिनाँक पहली दिसम्बर को पार्टी की अखिल भारतीय बैठक करने के बाद आज यहाँ उत्तर प्रदेश बी.एस.पी. यूनिट की अलग से आयोजित खास बैठक की। और इस बैठक में पिछली बार दिये गये कार्यों की जिलावार काफी गहन समीक्षा की गई तथा समीक्षा में पाई गई कमियों को दूर करके आगे बढ़ने के लिए भी निर्देशित किया गया।
राज्य-स्तरीय यह बैठक बी.एस.पी. यू.पी. स्टेट यूनिट कार्यालय 12 माल एवेन्यू लखनऊ में आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी ज़िला अध्यक्षों आदि ने भी भाग लिया। सुश्री मायावती जी ने इस बैठक में पिछली बैठक में दिये गये कार्यों की ज़िलावार समीक्षा की गई और प्रगति रिपोर्ट लेते हुए उल्लेखित कमियों की तरफ ध्यान देने का निर्देश दिया। वरना पार्टी आगे नहीं बढ़ पायेगी।
साथ ही, उन्होंने दिनांक 6 दिसम्बर को परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर पार्टी द्वारा यहाँ पूरे उत्तर प्रदेश में भी आयोजित किये गये कार्यक्रमों में जनभागीदारी सम्बन्धी मण्डलवार रिपोर्ट ली। और इन्होंने रिपोर्ट लेने के बाद यह भी कहा कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का यह मानना था कि केन्द्र व राज्यों में सत्ता लिये बिना उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में सर्वसमाज में से खासकर दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़े वर्गों, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों एवं अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगांे का भला नहीं हो सकता है। जिसके लिए इन लोगों को बी.एस.पी. के बैनर तले संगठित होकर केन्द्र व राज्यों की भी सत्ता खुद अपने हाथों में ही लेनी होगी। इस बैठक में पार्टी प्रमुख द्वारा नागरिकता संशोधन विधेयक के प्रति लिए गए स्टैण्ड को सराहा गया और पाया गया कि बी.एस.पी. के इस स्टैण्ड के प्रति लोगों में काफी सकारात्मक चर्चा भी है।
इसके अलावा, सुश्री मायावती जी द्वारा यू.पी. सहित पूरे देश में महिलाओं के ऊपर लगातार बढ़ रहे उत्पीड़न व खासकर इन पर आयेदिन हो रहे बलात्कार, हत्या व उन्हें जिन्दा जलाकर मारने आदि की प्रवृति के सम्बन्ध में भी काफी चिन्ता व्यक्त की गई। 
इस अवसर पर अपने संक्षिप्त सम्बोधन में सुश्री मायावती जी ने कहा कि खासकर ग़रीबी, बेरोज़गारी, महंगाई, महिला असुरक्षा व बदतर अपराध-नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था आदि ये व्यापक जनहित व देशहित के मुद्दों पर केन्द्र व यू.पी. सरकार दोनों को ही मिलकर पूरी गंभीरतापूर्वक काम करने की ज़रूरत है। कोरी बयानबाज़ी व काग़ज़ी दावे अब इनके बहुत हो चुके तथा अब जनता इन सब मामलो में केवल ठोस कार्रवाई व बेहतर परिणाम ही होते हुये देखना चाहती है।