राज्य सभा के सभापति ने  नए भर्ती हुए कर्मचारियों के साथ बातचीत की

 आनंदपूर्ण  कार्यानुभव के लिए सात मंत्र दिए


राज्य सभा के सभापति श्री एम वेंकैया नायडु ने आज देश में जागरूक विधायन  के लिए  विधायी प्रस्तावों के  सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय और सांस्थानिक प्रभावों को सामने लाने के लिए विस्तृत विधायी प्रभाव मूल्यांकन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सभी नव-नियुक्त अधिकारियों, कर्मचारियों के बीच इसके व्यापक प्रचार हेतु विधायी प्रस्तावों में इस प्रकार के प्रभाव मूल्यांकन के बारे में बताया जाना उपयोगी होगा।


श्री नायडु ने हाल ही में राज्य सभा सचिवालय में कार्यभार ग्रहण करने वाले 151 अधिकारियों को अपने संबोधन के दौरान, देश में विधायी प्रक्रिया के बारे में बताते हुए ऐसे प्रभाव मूल्यांकन की आवश्यकता के संबंध में विस्तारपूर्वक बताया। ऐसा पहली बार हुआ है कि राज्य सभा के सभापति ने सचिवालय में कार्यभार ग्रहण करने पर नये कर्मचारियों के साथ बातचीत की। महासचिव श्री देश दीपक वर्मा, सचिव श्री पी.पी.के. रामाचार्युलु और राज्य सभा सचिवालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


श्री नायडु ने कहा कि कैबिनेट द्वारा विधायी प्रस्तावों पर विचार और उनका अनुमोदन किए जाने से पहले अंतर-मंत्रालयी परामर्श किए जाते हैं किंतु ऐसे प्रस्तावों के प्रभाव के संचालन और उसके बारे में बताए जाने की गुंजाइश वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सीमित है।  उन्होंने कहा  "विभिन्न कानूनों के वर्णित लक्ष्यों की प्राप्ति में जागरूक विधायन  सहायता करेगा और इसके लिए विधायन के पूर्व और विधायन के पश्चात् दोनों ही चरणों पर विधान का विस्तृत प्रभाव मूल्यांकन अपेक्षित है। विधायन-पूर्व प्रभाव मूल्यांकन का ब्योरा या तो विधेयक में अथवा विधेयक के अनुबंध के रूप में उसमें शामिल किया जा सकता है। अपने सुझाव पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए श्री नायडु ने कहा कि सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन उन सामाजिक परिवर्तनों के बारे में बता सकते हैं जो एक विशिष्ट कानून के कार्यान्वयन से प्रवाहित होते हैं जबकि आर्थिक प्रभाव मूल्यांकन अन्य बातों के साथ-साथ इस बात पर प्रकाश डाल सकता है कि कोई विधान किस सीमा तक मौजूद असमानता को दूर कर सकता है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन सरोकारों के गंभीर स्वरूप के संदर्भ में प्रस्तावित किए गए प्रत्येक कानून का पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन आज के समय की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा "नए कानूनों के कार्यान्वयन से वर्तमान कार्यकारिणी और न्यायिक संस्थाओं पर पड़ने वाली अतिरिक्त मांगों का मूल्यांकन करना भी आवश्यक है।


. कुछ ओईसीडी राष्ट्रों द्वारा विधायी प्रभाव मूल्यांकन के बेहतर नतीजे देने वाले संचालन के बारे में बताते हुए श्री नायडु ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े और जीवंत लोकतंत्र के रूप में अब समय आ गया है कि हम अधिक जागरूक विधायन को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे प्रभाव मूल्यांकन को गंभीरता से लें। अतः मैं सभी नव-नियुक्त कर्मचारियों/अधिकारियों को इस प्रस्ताव पर व्यापक चर्चा और विचार के लिए आमंत्रित करता हूं।


एक नई परंपरा की शुरुआत करते हुए राज्य सभा के सभापति श्री एम वेंकैया नायडु ने आज राज्य सभा सचिवालय में हाल ही में कार्यभार ग्रहण करने वाले 151 नए कर्मचारियों के साथ बातचीत की। 40 मिनट लंबी चली अपनी बातचीत के दौरान, श्री नायडु ने नए कर्मचारियों से कार्य और कार्यालय में दिलचस्पी लेने के लिए कहा और उन्होंने उन्हें अपने कार्य को एक सुखद अनुभव बनाने के लिए 7 मंत्र भी दिये।  श्री नायडु ने सुझाव दिया कि नये  भर्ती हुए कर्मचारी अपने कार्य को प्रेरणा का स्रोत मानते हुए उसे करने में गौरवान्वित अनुभव करें, देश की  सामाजिक-आर्थिक प्रक्रियाओं और समय-समय पर संसद से संबधित मुद्दों का व्यापक अध्ययन करें। संविधान की गहन जानकारी प्राप्त करें, सभा के कार्य-विषयक नियमों को समझें, कार्य को अधिक फलदायी बनाने के लिए नए विचार लाएं और सृजनशील बनें, अपने कक्षों से बाहर निकलकर अपने संगठन के  व्यापक दृष्टिकोण और लक्ष्यों के अनुरूप स्वयं को ढालें  और कार्यस्थल को  अपने  घर जैसा  मानें।. श्री नायडु ने कहा कि नये भर्ती हुए कर्मचारियों में 44 इंजीनियरी स्नातक, 50 स्नातकोत्तर, 46 स्नातक, 5 कानून के डिग्री धारक और दो डॉक्टोरल डिग्री धारक मिलकर ऐसे विशाल प्रतिभा संपन्न क्षेत्र का निर्माण करते हैं जिसे सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उपयुक्त मार्ग निर्देशन के माध्यम से कारगर बनाए जाने की आवश्यकता है।


राज्य सभा के महासचिव श्री देश दीपक वर्मा ने कहा कि नये भर्ती हुए कर्मचारियों में 55 महिला अधिकारी शामिल हैं जो कि कुल का 36.42% भाग है। गहन प्रतिस्पर्धा की ओर संकेत करते हुए श्री वर्मा ने बताया कि 5,15,570 अभ्यर्थियों ने 9 संवर्गों में पदों के लिए आवेदन दिए थे जिनमें से 164097 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा और उसके बाद वाली परीक्षाएं दीं कुल 151 कर्मचारियों का चयन हुआ।


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