उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में डीएफसी कार्य की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित

 


 उत्तर मध्य रेलवे और समर्पित माल भाड़ा गलियारा (Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited) के अधिकारियों के मध्य निर्माणाधीन फ्रेट कॉरिडोर की प्रगति पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री राजीव चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के सभी प्रमुख विभागाध्यक्ष, इलाहाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक एवं अन्य अधिकारी तथा उनकी टीम और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया। उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शरद मेहता ने इस बैठक में सभी अधिकारियों का स्वागत किया, उसके उपरांत महाप्रबंधक श्री राजीव चौधरी ने बैठक को संबोधित किया।


श्री अनुराग सचान, प्रबंध निदेशक/ डीएफसीसीआईएल, श्री अंशुमन शर्मा, निदेशक/पीपी/डीएफसीसीआईएल और मुख्य ब्रिज इंजीनियर, उत्तर मध्य रेलवे ने उत्तर मध्य रेलवे परिक्षेत्र में फ्रेट कॉरिडोर कार्यों के लक्ष्य एवं कार्ययोजना संबंधी पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण किया। लक्ष्यों के अलावा, विभिन्न निष्पादन एजेंसियों के बीच समन्वय मुद्दों पर भी चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


मंडल रेल प्रबंधक, इलाहाबाद श्री अमिताभ, ने फ्रेट कॉरिडोर मार्ग से स्टेशन यार्डो को जोड़ने वाली रेल पटरियों के लिए अतिरिक्त ट्रैक मेन्टेनेंस मशीनों की उपलब्धता की मांग की।


उत्तर मध्य रेलवे और डीएफसीसीआईएल ने डीएफसी के भाऊपुर-खुर्जा खंड को नवंबर -19 तक खोलने पर सहमति जताई। इस खंड के खुलने से उत्तर मध्य रेलवे के अति व्यस्त कानपुर-नई दिल्ली खंड से  मालगाड़ियां डीएफसी रेल मार्ग पर शिफ्ट होंगी और इसके द्वारा परिचालन को सुचारु करने में सहायता मिलेगी। इससे न केवल उत्तर मध्य रेलवे के रेल मार्गों पर यात्री गाड़ियों की समयपालनता में सुधार होगा बल्कि ट्रैक और अन्य परिसंपत्ति के रखरखाव के लिए अधिक समय की उपलब्धता होगी, जिससे ट्रेन परिचालन में संरक्षा बढ़ेगी।


इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे और डीएफसीसीआईएल दोनों ने रोड ओवर ब्रिज, रोड अंडर ब्रिज / लिमिटेड हाईट सबवे के निर्माण से संबंधित कार्य को युद्धस्तर पर करने की योजना बनाई ताकि सड़क उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा एवं सहूलियत मिले और ट्रेनों का विलंबन भी बचाया जा सके। श्री चौधरी ने बल दिया कि, डीएफसी एक राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है एवं इस परियोजना की प्रगति की ध्यानपूर्वक मॉनीटरिंग और समीक्षा की जाए और इसके लिए बार चार्ट और अन्य प्रबंधन उपकरणों का प्रयोग किया जाना चाहिए। इस दौरान महाप्रबंधक ने इलाहाबाद मंडल, निर्माण संगठन और डीएफसीसीआईएल के अधिकारियों को भाऊपुर - खुर्जा खंड में मैथा और अन्य स्टेशनों पर डीएफसी से संबंधित कार्यों को समय से  सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए बधाई दी।


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ग्रैंड फिनाले में वरिष्ठ वर्ग में पुरषोत्तम बने सर्वोताम गायक और कनिष्ठ वर्ग में कुमारी हीरत सिसोदिया ने सर्वोत्तम गायिका की बाज़ी मारी

खल रहा है सांसद और विधायक की निष्क्रियता नोएडा निवासियों को

इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल न लाया जाय और निजीकरण का विफल प्रयोग वापस लिया जाय : ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन