बायोटेक स्टार्टअप एक्स्पो में दिखेगी जैव प्रौद्योगिकी की उपलब्धियाँ

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ई दिल्ली(इंडिया साइंस वायर): कोरोना वायरस के प्रकोप के दौरान कोविड-19 से लड़ने के लिए बेहद कम समय में वैक्सीन का निर्माण, और उसके लिए वैश्विक मान्यता हासिल करके भारत के जैव प्रौद्योगिकी उद्योग ने अपनी क्षमता का परिचय दिया है। हरित क्रांति से लेकर कोविड-19 वैक्सीन विकसित करने तक जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की यात्रा उपलब्धियों से भरी रही है। अब जैव प्रौद्योगिकी स्टार्टअप इनोवेशन सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का एक नया मंत्र बनकर उभर रहा है। आगामी 09-10 जून को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित होने वाले दो दिवसीय बायोटेक स्टार्टअप एक्स्पो-2022 में इसकी झलक देखने को मिल सकती है। 

स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अवसर पर भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) से सम्बद्ध जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बाइरैक) द्वारा बायोटेक स्टार्टअप एक्स्पो आयोजित किया जा रहा है। भारत के बायोटेक क्षेत्र की प्रगति में बाइरैक के सक्षम प्रयासों के 10 साल पूरे होने का उत्सव मनाने के लिए यह बायोटेक स्टार्टअप एक्स्पो आयोजित किया जा रहा है। 

बाइरैक द्वारा समर्थित 75 सफल स्टार्टअप, 75 विशिष्ट बायोटेक इनक्यूबेशन केंद्र,  21 आईआईटी/विश्वविद्यालय, उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा समर्थित 50 सफल स्टार्टअप, बाइरैक द्वारा निर्मित बुनियादी ढांचा, हेल्पडेस्क और विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय पहल एवं प्रकल्पों को इस मेगा बायोटेक स्टार्टअप एक्सपो में प्रदर्शित किया जाएगा। बायोटेक स्टार्टअप एक्सपो 09 जून 2022 दोपहर 12:30 बजे और 10 जून को सुबह 10 बजे से जनता के लिए खुला रहेगा।

इस कार्यक्रम में 750 बायोटेक उत्पादों का ई-पोर्टल, स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के दौरान विकसित उत्पाद और 75 महिला बायोटेक उद्यमियों की कॉफीटेबल बुक को लॉन्च किया जाएगा। यह आयोजन बी2बी बैठकों, निवेशकों, निर्माताओं, विक्रेताओं, उद्योगों, वैज्ञानिकों, विश्वविद्यालयों, शोधार्थियों, डीबीटी के अनुसंधान संस्थानों, सीएसआईआर, आईसीएआर, डीएसटी, आईआईटी, एनआईपीईआर, एनआईएसईआर, आईआईएसईआर और अन्य के साथ स्टार्टअप कंपनियों के साथ बातचीत का अवसर प्रदान करेगा। बी2बी पिचिंग सत्रों के साथ-साथ स्टार्टअप्स को यहाँ इंडस्ट्री लीडर्स, बहुराष्ट्रीय कंपनियों और उद्योग प्रतिनिधियों एवं उनके एसोशिएशन्स से संवाद का अवसर भी मिल सकता है। 

एक्स्पो के दौरान 2500+ बाइरैक समर्थित परियोजनाओं के पूल में से हेल्थकेयर, बायोफार्मा, कृषि, औद्योगिक बायोटेक, मेडटेक डिवाइसेज, डायग्नोस्टिक्स, वेस्ट टू वैल्यू और क्लीन एनर्जी एवं इनके उप-क्षेत्रों से जुड़े 75 परिपक्व बायोटेक स्टार्टअप 50-75 निवेशकों के साथ बातचीत करेंगे। इन निवेशकों में बायो-एंजल्स सहित बाइरैक के एसीई फंड पार्टनर्स, डीपीआईआईटी/सिडबी समर्थित एआईएफ, अन्य एंजल्स एवं वीसी नेटवर्क, एचएनआई और बिजनेस/एकेडमिक मेंटर्स शामिल हैं। 

एक्स्पो के दौरान विशेषज्ञों की उपस्थिति में यूनिकॉर्न के अनुभव से स्टार्टअप्स को उनकी आगे की उत्पाद विकास यात्रा पर मार्गदर्शन और प्रेरणा मिल सकेगी। इस कार्यक्रम में स्टार्टअप्स के लिए आवश्यक परामर्श और भारतीय जैव-अर्थव्यवस्था के विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए संभावित समाधानों की पहचान का प्रयास किया जाएगा। 

भारत के बायोटेक क्षेत्र ने, विशेष रूप से हाल की महामारी अवधि के दौरान अपनी वैश्विक छाप छोड़ी है। भारत में बायोटेक क्षेत्र के विकास पथ को परिभाषित करने के लिए यह दशक महत्वपूर्ण है। बाइरैक के वक्तव्य में कहा गया है कि हम 2025 तक 150 बिलियन डॉलर के लक्ष्य के करीब पहुँच रहे हैं, जैसा कि कोविड प्रकोप के बावजूद दोहरे अंकों की वृद्धि से स्पष्ट है। इस कार्यक्रम में प्रख्यात पैनलिस्ट इस बात पर भी विचार-विमर्श करेंगे कि कैसे बायोटेक क्षेत्र में जैव-अर्थव्यवस्था के भविष्य के ग्राफ और भारत को जैव-विनिर्माण हब के रूप में बढ़ाया जाए। (इंडिया साइंस वायर)

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