रुडी ने बिहार से मजदूरों का पलायन रोकने के लिए सरकार से नीति बनानेे की मांग की


·       नीति आयोग की रपट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान का रुडी ने किया स्वागत

·       लोकसभा में शून्यकाल में रुडी ने बिहार के पिछड़ेपन पर राज्य और केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट किया


   

·       नीति के बिना निवेश संभावना पर रुडी ने खड़े किये सवाल

·       रूडी ने पुछा बिहार में स्वास्थ्य, शिक्षा का क्या है रोडमैप

·       अध्ययन के लिए बिहार से बाहर जाने वाले बच्चों को रोकने का क्या है रोडमैप

·       रुडी ने कहा: राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कोई स्टेडियम नहीं, अन्य राज्यों मे नागरिक विमानन की है नीतियां, कहां है बिहार के ग्रीनफिल्ड प्रोजेक्ट की रूपरेखा

·       रुडी ने पुछा कि बैंगलोर, हैदराबाद, दिल्ली, मुम्बई सभी जगह बन रहे है ग्रीनफिल्ड एयरपोर्ट, बिहार की क्या है नीति क्या 

 

नई दिल्ली । नीति आयोग की रपट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान का स्वागत करते हुए आज एक बार फिर से बिहार के विकास के मुद्दे को सारण से लोकसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता, पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रुडी ने शून्यकाल के दौरान लोकसभा में उठाया और राज्य सरकार और केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। अपने वक्तव्य के शुरूआत में मुख्यमंत्री को विकास के मामले पर स्वागत करने के साथ ही यह संदर्भ रेखांकित किया कि बिहार का विकास तब तक संभव नहीं जबतक यह तय नहीं हो जाता कि बिहार को किस तरह का विकास चाहिए। क्या उसकी सीमा होगी और उसकी रूपरेखा क्या होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बिहार के विकास के प्रति सचेत है यही कारण है कि केंद्र सरकार से विकास के मामले में पूरा सहयोग मिलता है। लेकिन जहाँ निवेश चाहिए वहाँ प्रगतिशील नीति की जरूरत होती है। बगैर किसी नीति के निवेश संभव नहीं है। उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार से पुछा कि यदि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाय तो राज्य के विकास की नीति क्या है ? उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री ने भी स्वीकार किया है कि राज्य पिछड़ा हुआ है जहां कोई बड़ा उद्योग नहीं है, कोई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम नहीं है। उन्होंने सरकार से बिहार से पलायन को रोकने और राज्य के विकास के लिए नीति स्पष्ट करने की मांग की।

रुडी ने कहा कहा कि राज्य से लाखों छात्र बाहर पढ़ने जाते हैं, बड़ी संख्या में मजदूर काम करने बिहार से बाहर जाते हैं, ऐसे में राज्य सरकार और केंद्र सरकार को बताना चाहिए कि इन्हें राज्य से बाहर जाने से रोकने के लिए उनकी क्या नीति है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आखिर बिहार विकास क्यों नहीं कर रहा है ? लाखों विद्यार्थियों को किसी अन्य राज्य के संस्थानों में पढ़ना पड़ रहा है क्योंकि उच्च शिक्षा का स्तर बिहार में बहुत ठीक नहीं है। इसके कारण बिहार का करोड़ों रुपये का राजस्व दूसरे राज्य में चला जा रहा है। राजस्थान के कोटा से लोकसभा सदस्य ओम बिरला लोकसभा के अध्यक्ष है जिनको संबोधित करते हुए रुडी ने कहा कि आप ही के कोटा में बिहार के हजारों विद्यार्थी अध्ययनरत है। ऐसी व्यवस्था बिहार में यदि हो तो बिहारी बच्चों को बाहर पढ़ने नहीं जाना पड़ेगा और उनको अच्छी सुविधा राज्य में भी उपलब्ध हो पायेगी।

सांसद रुडी ने कहा कि राज्य में कोई भी ऐसी संरचना तैयार नहीं है जो बिहार को विकास के पथ पर लाये। राज्य में कोई भी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम नहीं है और न ही किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल का आयोजन हो सकता है। आखिर इसका रोडमैप क्या है ? बैंगलोर, हैदराबाद, दिल्ली में ग्रीनफिल्ड प्रोजेक्ट के तहत हवाई अड्डों का निर्माण हुआ, पर बिहार में एक भी ग्रीनफिल्ड प्रोजेक्ट नहीं है, आखिर इसका रोडमैप क्या है ? उन्होंने मांग की कि सरकार नीति स्पष्ट करें ताकि किसानों, मछुआरों, पशु पालकों, मजदूरों की बातों को हम उस संदर्भ को विकास के पथ पर आगे बढ़ा सकें। उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार से मांग की कि नीति के साथ निवेश को लेकर बिहार को आगे बढ़ाया जाय। सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुडी ने कहा कि बिहार को विकास के पथ पर दौड़ाने के लिए नीति और निवेश के साथ विकासशील नीयत भी जरूरी है। जबतक नियत साफ, स्पष्ट नहीं होगी तबतक निवेशक भी हिचकेंगे और विकास की गाड़ी चल नहीं पायेगी।



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