राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड के सहयोग से गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ का उत्पाद 'अमूल हनी' लांच

 केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया अमूल हनी लांच, प्रगति का मंत्र सहकार में-श्री तोमर

नई दिल्ली:


केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (एनबीबी) के साथ सहयोग के तहत गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (जीसीएमएमएफ) का उत्पाद 'अमूल हनी' लांच किया। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि प्रगति का मंत्र सहकार में ही है। सहकारिता की भावना के अनुरूप कार्य किया जाएं तो अमूल जैसा वृहद संस्थान बनता है, जिसके माध्यम से राज्य और देश की प्रगति होती है। अमूल की श्वेत क्रांति सहकारिता के क्षेत्र में मील का पत्थऱ है।

श्री तोमर ने जीसीएमएमएफ, बनासकांठा डेयरी, राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड, नेफेड, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अमूल दुग्ध उत्पादन व विपणन के अलावा छोटे किसानों को रोजगार के अवसर भी प्रदान करता है और इस प्रकार देश की समग्र प्रगति में मदद करता है। उन्होंने "श्वेत क्रांति" की तर्ज पर अब "मीठी क्रांति" के लिए बनास डेयरी को धन्यवाद दिया। श्री तोमर ने कहा कि छोटे किसानों की आजीविका में सुधार के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन व शहद मिशन (एनबीएचएम) देश में किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में लागू किया गया है। 500 करोड़ रु. के आवंटन के साथ मधुमक्खी पालकों को सतत सहायता की जा रही है। 

उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के लिए देश में 5 बड़ी क्षेत्रीय शहद परीक्षण प्रयोगशालाएं और 100 मिनी शहद परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं, जिनमें से क्रमशः तीन व तेरह खुल चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय शहद को पूरे देश में शहद के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खड़ा करने की जरूरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमूल हनी द्वारा बनाए गए गुणवत्ता मानकों के साथ यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय शहद की अच्छी गुणवत्ता का प्रदर्शन करेगा, गुणवत्ता वाले भारतीय शहद का निर्यात बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने मधुमक्खी पालकों को आश्वासन दिया कि एनबीएचएम लागू होने से मधुमक्खी पालकों की वित्तीय स्थिति सुधारेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत सरकार मधुमक्खी पालन विकास के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी।

केंद्रीय मंत्री श्री रूपाला ने मधुमक्खी पालन क्षेत्र के विकास पर जोर देने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि अमूल जो कि भारत का स्वाद है, अब अमूल हनी लांच के बाद और अधिक मीठा हो गया है। उन्होंने मधुमक्खी पालकों को प्रोत्साहित किया कि वे शहद के साथ-साथ मधुमक्खी पालन के उत्पादों द्वारा अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं, जैसे; मधुमक्खी मोम, पराग, रॉयल जेली क्योंकि इनकी भारतीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार में उच्च मांग और बेहतर कीमतें हैं।

कार्यक्रम में कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी व सुश्री शोभा करंदलाजे, कृषि सचिव श्री संजय अग्रवाल, पशुपालन एवं डेयरी सचिव श्री अतुल चतुर्वेदी, कृषि मंत्रालय के अपर सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी, कृषि एवं बागवानी आयुक्त डॉ. एस.के. मल्होत्रा, जीसीएमएमएफ व साबरकांठा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ, गुजरात के अध्यक्ष श्री शामलभाई बी. पटेल, जीसीएमएमएफ के उपाध्यक्ष व कच्छ जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के अध्यक्ष श्री वलमजी भाई हुंबल, बनासकांठा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (बनास डेयरी), पालनपुर (गुजरात) के अध्यक्ष श्री शंकरभाई एल. चौधरी, जीसीएमएमएफ के प्रबंध निदेशक डॉ. आर.एस. सोढ़ी भी उपस्थित थे। एनबीबी के कार्यकारी निदेशक डॉ. नवीन कुमार पटले ने आभार माना।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

*सेक्टर १२२ में लेडीज़ क्लब ने धूमधाम से मनाई - डांडिया नाइट *

हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के इलाज में कारगर है ‘आयुष-64’

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस: भारतीय विज्ञान की प्रगति का उत्सव