शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक’ ने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला के वर्चुअल संस्करण का उद्घाटन किया

  नई दिल्ली


ऑनलाइन मोड के माध्यम से 5 मार्च को 29 वें नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले के वर्चुअल संस्करण का उद्घाटन करते हुए माननीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने माननीय प्रधान मंत्री  नरेंद्र मोदी के द्वारा कहे गए इन वाक्यों का उद्धरण किया, 'जो पढ़ता है वही आगे बढ़ता है'. उन्होंने कहा कि मेरा भी यह मानना है, जिसमें लिखने- पढ़ने और उसको क्रियान्वित करने की क्षमता हो वो अच्छा लीडर हो सकता है चाहे किसी भी क्षेत्र में हो.’ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विषय पर बात करते हुए माननीय शिक्षा मंत्री ने कहा यह नीति लोकल को ग्लोबल स्तर पर ले जाएगी. माननीय मंत्री ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत को बधाई दी और राष्ट्र को गुणवत्तापूर्ण सामग्री प्रदान करने की दिशा में न्यास के प्रयासों की सराहना की.

शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2021 का वर्चुअल संस्करण एक स्वागत योग्य कदम है.  यह पढ़ने की संस्कृति और किताबों के प्रकाशन से देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. 'भाषा केवल शब्द नहीं होते वो विचार हैं, इसलिए मैं यह बताते हुए गर्व महसूस कर रहा हूँ कि नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत ने क्षेत्रीय भाषाओं को आगे लाने का काम किया है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि शिक्षा बोझ नहीं है; बच्चे स्वयं अच्छी पुस्तकों की तलाश करते हैं और उन्हें पढ़ते हैं और इस प्रयास में न्यास एक सराहनीय कार्य कर रहा है.

शिक्षा मंत्री ने नई शिक्षा नीति 2020 की कार्यान्वयन नीति के तहत न्यास द्वारा प्रकाशित 17 द्विभाषी नई पुस्तकें भी लॉन्च कीं. ये किताबें नई शिक्षा नीति 2020 के दिशा-निर्देशों के अनुसार बच्चों के लिए द्विभाषी संस्करणों की श्रृंखला के तहत द्विभाषी प्रारूप में प्रकाशित किए गए हैं, जिसका उद्देश्य बच्चों के लिए उत्कृष्ट पठन सामग्री का निर्माण करना है ताकि उन्हें देश की बहुभाषी संस्कृति के अनुकूल बनाया जा सके. 

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो गोविंद प्रसाद शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा पुस्तक प्रकाशक है और इस प्रकार यह हमारी प्राथमिकता है कि इन पुस्तकों के माध्यम से हम ऐसी सामग्री का उत्पादन करें जो हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को आगे ले जाए. उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष की विश्व पुस्तक मेला 2021 की थीम राष्ट्रीय शिक्षा नीति है जिसमें विभिन्न आयु-समूहों के लिए प्रकाशन के माध्यम से इसके कार्यान्वयन की गतिशीलता पर चर्चा की गई है. उन्होंने कहा कि यह नीति भारतीय मूल्यों पर एक मजबूत पकड़ रखते हुए दुनिया में एक अलग पहचान बनाने में मदद करेगी.

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक  युवराज मलिक ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2021 का विषय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, नई शिक्षा नीति की दृष्टि से पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देती है. उन्होंने आगे कहा कि नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले के माध्यम से न्यास नई शिक्षा नीति पर चर्चा करने के लिए 20 से अधिक वेबिनार, सेमिनार और सम्मेलन आयोजित करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र के ज्ञान भागीदार (नॉलेज पार्टनर) के रूप में, ज्ञान सृजन के साथ-साथ ज्ञान प्रसार के लिए कदम उठाना न्यास की जिम्मेदारी है. 

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2021- वर्चुअल संस्करण (6-9 मार्च 2021) वर्चुअल प्लेटफॉर्म www.nbtindia.gov.in/ndwbf21