अंतरराष्‍ट्रीय भागीदारी के साथ असम में राष्‍ट्रीय कृषि-बागवानी मेला-2021 का शुभारंभ

पूर्वोत्तर क्षेत्र में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध- श्री तोमर

नई दिल्ली। अंतरराष्‍ट्रीय भागीदारी के साथ असम में आयोजित राष्‍ट्रीय कृषि-बागवानी मेला-2021 का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायत राज तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर और असम के मुख्यमंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने किया। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि असम के आंचल में इतनी फसलें है, जो शायद ही देश के किसी अन्य प्रांत में उपलब्ध हो। असम फल-फूल, सब्जियों, सुंगधित फूलों, औषधीय फसलों व दुर्लभ वनस्‍पति एवं जीवों से समृद्ध है। असम के आसियान देशों से भी सांस्कृतिक संबंध है। पूर्वोत्तर का यह क्षेत्र दुनिया के लिए एक हब के रूप में निर्मित होता जा रहा है। असम सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेती का रकबा व उत्पादकता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। समय पर बीज आदि आदान उपलब्ध कराने में केंद्र सरकार पूरी सहायता कर रही है, वहीं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने असम में कई अनुसंधान केंद्र खोले हुए हैं। असम कृषि विश्‍वविद्यालय को आईसीएआर द्वारा विभिन्‍न परियोजनाओं के जरिये आर्थिक मदद दी जा रही है।

श्री तोमर ने कहा कि चाय व बांस की दृष्टि से देंखे तो पूरे देश के लोग असम की ओर निहारते है। असम चाय उत्‍पादन में वैश्विक हब है, यहां भारत का 50 प्रतिशत से अधिक चाय उत्‍पादन होता है। असम में बांस व जैविक खेती भी प्रमुखता से की जा रही है। बांस उत्‍पादन देश का 28 प्रतिशत है। यह भी खुशी की बात है कि कुछ गांवों को मिलाकर बम्‍बू पार्क व मेगा फूड पार्क का भी विकास किया गया है, जिससे कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की पहल से असम के किसानों की आय बढ़ेगी व कृषि क्षेत्र में समृद्धता आएगी तथा कृषि का योगदान जीडीपी में बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की लगातार कोशिश है कि खेती मुनाफे का कार्य बने व किसानों की आय में वृद्धि हो। केंद्र सरकार द्वारा पीएम किसान स्कीम में लगभग ग्यारह करोड़ किसानों को लगभग एक लाख करोड़ रूपए सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराए गए हैं। एमएसपी भी सतत बढ़ाई गई है, वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच है। इस स्कीम में लगभग 19 हजार करोड़ रूपए की प्रीमियम किसानों ने जमा कराई, जिसके बदले क्लेम के रूप में उन्हें 90 हजार करोड़ रू. का भुगतान होने से बड़ी मदद व राहत मिली है। 

श्री तोमर ने कहा कि किसानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी करने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लक्ष्‍य को ध्‍यान में रखते हुए सभी सरकारी योजनाओं का उद्देश्य किसानों की माली हालत सुधारने का है। प्रधानमंत्री जी द्वारा घोषित आत्मनिर्भर भारत अभियान में 1 लाख करोड़ रू. के फंड से कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर गांव-गांव पहुंचाने पर अमल प्रारंभ हो चुका है। कृषि से सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए भी 50 हजार करोड़ रू. के विशेष पैकेज लाए गए हैं। इनसे कृषि एवं किसानों का चहुंमुखी विकास होगा। देश में लगभग 86 प्रतिशत छोटे किसान है, वे अपने खेत में खुद निवेश करने में सक्षम नहीं है, जिन्हें मदद करने के लिए 10 हजार नए एफपीओ बनाए जा रहे हैं, इन पर सरकार 6,850 करोड़ रू. खर्च करेगी। इससे किसान महंगी फसलों की ओर आकर्षित होंगे, टेक्नालाजी से जुड़ेंगे, एकीकृत सिंचाई की ओर जा सकेंगे व उन्हें उत्पादों का वाजिब दाम मिलेगा। केसीसी के लिए अभियान में 11 महीने में एक लाख 57 हजार करोड़ रू. का लोन किसानों को दिया गया है। अब किसानों को 15 लाख करोड़ रू. फसल ऋण के रूप में मिलेंगे, जिसमें से 13 लाख करोड़ रू. का प्रवाह हो चुका है, जिससे खेती अच्छे-से कर पा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में किसान हितैषी सरकार किसानों को नाममात्र की ब्याज दर पर आसान लोन दे रही है, वहीं कृषि को टेक्नालाजी से भी जोड़ रही है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री सोनोवाल व उनकी पूरी टीम कृषि क्षेत्र के विकास में पूरी लगन व मेहनत के साथ काम कर रही है। असम में नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी केंद्र सरकार की योजनाओं पर बेहतर अमल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, रोजगार सृजन आदि का कार्य मुख्यमंत्री श्री सोनोवाल के नेतृत्व में भली-भांति चल रहा है और उनके नेतृत्व में असम पूरी दुनिया में नाम कमा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कृषि व अन्य क्षेत्रों में सहयोग के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में उठाए जा रहे कदमों से राज्य को किसी भी तरह की कमी पेश नहीं आएगी और चहुंमुखी विकास होगा। असम के कृषि, उद्यानिकी व फूड प्रोसेसिंग मंत्री श्री अतुल बोरा, असम कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. बिद्युत चंदन डेका व अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों सहित राज्य के प्रमुख सचिव (कृषि) श्री राजेश प्रसाद एवं कृषि आयुक्त श्री आकाशदीप व बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। 21 से 23 जनवरी तक मेले का आयोजन गोलागाट जिले के बोकाखात में हो रहा है। कोविड के कारण आयोजन वर्चुअली है, पर उत्साह कायम है। 

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