सैमसंग मोबाइल कंपनी का चोरी गया 2.5 करोड़ का सामान बरामद, छह गिरफ्तार

वाहन के चालक ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर दिया था घटना को अंजाम


नोएडा। थाना फेज-दो की पुलिस ने सैमसंग मोबाइल फोन के पार्ट्स को रास्ते में ही चोरी करने के आरोपी वाहन चालक समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल पार्ट्स और चोरी में इस्तेमाल वाहन बरामद किया गया है। पकड़े गए माल का मूल्य 2.5 करोड़ रुपये बताया गया है। 


डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि 07 जुलाई को छपरौली निवासी विनोद कुमार ने अपने वाहन आयशर केन्टर के चालक रामसूरत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि उनके ड्राइवर ने सैमसंग कम्पनी से मोबाइल पार्ट्स सेक्टर-80 स्थित वेयर हाउस पहुंचाने के लिए लोड किया था। लोड गाड़ी को वेयर हाउस पहुंचाकर फेस-2 पुरानी कचहरी के पास खड़ा करके अपने घर बरौला चला गया और अगले दिन सुबह सूचना दी कि गाड़ी में रखा माल गायब है। 


डीसीपी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि गायब माल की कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये है और ड्राइवर रामसूरत फरार है। यह भी पता चला कि घटना में चालक रामसूरत पाल उर्फ राजू व अन्य गाड़ियों के ड्राइवर ऋषिपाल व देवेन्द्र उर्फ टीटू उर्फ टीटी शामिल थे। तीनों ने 07 जुलाई की रात एक साथ शराब पी और माल चोरी करने की योजना बनाई। योजना के तहत दिल्ली से रहीस नामक कबाड़ी और टाटा गाड़ी के साथ ड्राइवर अन्सार अहमद को बुलाकर पूरा सामान उसके सुपुर्द कर दिया। इसके बाद सामान दिल्ली ले जाकर सर्वजीत नामक व्यक्ति के मकान में रख दिया था। 


डीसीपी सेंटल ने बताया कि शुक्रवार को थाना फेज-दो की पुलिस को जानकारी मिली कि जिस गाड़ी में सामान दिल्ली भेजा गया थ, उस गाड़ी के साथ घटना में शामिल ड्राइवर रामसूरत उर्फ राजू अपने साथियों के साथ सेक्टर-93 के रतिराम चौराहे के पास मौजूद है। इस सूचना पर पुलिस ने टीम के साथ गाड़ी में लदे कुल 47 बाक्स के साथ टाटा गाड़ी चालक अन्सार अहमद, रामसूरत पाल उर्फ राजू, ऋषिपाल और देवेन्द्र उर्फ टीटू उर्फ टीटी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि ये लोग चोरी का सामान बेचने आए थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अभी कुछ सामान दिल्ली में सर्वजीत के मकान पर रखा है। उसके बाद पुलिस दिल्ली गई और गुरु नानक नगर मुस्तफाबाद स्थित सर्वजीत के मकान से शेष 09 बाक्स बरामद कर मौके से सर्वजीत व रहीस कबाड़ी को गिरफ्तार कर लिया। इस उपलब्धि पर पुलिस आयुक्त ने टीम को 75 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। 


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