यीडा में ऑनलाइन इंटरव्यू के बाद 8 भूखंडों का आवंटन : डॉ. अरुणवीर सिंह

प्राधिकरण को मिलेगा 49.78 करोड़ का निवेश और 2182 को रोजगार


ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने अपैरल पार्क योजना के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये किए गए साक्षात्कार में सफल पांच औद्योगिक और तीन संस्थागत भूखंडों का आवंटन किया है। इन आवंटनों से प्राधिकरण को कुल 49.78 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। इनमें कुल 2182 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। 


यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि फरवरी-2018 में लखनऊ में हुई यूपी इन्वेस्टर्स समिट में उत्तर प्रदेश सरकार के साथ हस्ताक्षरित एमओयू के क्रम में पूर्व में पंजीकृत 64 आवेदन किए गए थे। मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीसरे चरण के तहत पांच सदस्यों के साक्षात्कार लिए गए। उन्होंने बताया कि यीडा की सेक्टर-29 में विकसित हो रही अपैरल पार्क योजना के तहत भूमि आवंटन के लिए जिन पांच सदस्यों का चयन किया गया है, उनमें मेसर्स एच एंड एम ट्रेडर्स, मेसर्स ट्वंटी सेकेंड माइल्स, मेसर्स प्रूडेंट एक्जिम, मेसर्स एसके टैक्सटाइल्स मिल्स और मेसर्स रघु क्रिएशंस प्रा.लि. शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी कंपनियां रेडीमेड गारमेंट्स की हैं। ये कंपनियां कपड़ों की रंगाई और ब्लीचिंग का काम नहीं करेंगी। सीईओ ने बताया कि इन कंपनियों को कुल 9,500 वर्गमीटर भूखंड का आवंटन किया गया है। इससे यमुना प्राधिकरण को 31.73 करोड़ रुपये का निवेश मिलेगा। इसमें कुल 1708 नए रोजगार का सृजन होगा।   


सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि प्राधिकरण ने तीन संस्थागत भूखंडों का भी आवंटन किया है। इसके लिए भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इंटरव्यू लिए गए। योजना में कुल चार आवेदन मिले थे। उनमें से साक्षात्कार में तीन सफल हुए। सफल आवेदकों में मेसर्स परफेक्शन वेंचर्स प्रा.लि., मेसर्स विजेंद्र शर्मा एंड एसोसिएट्स और मेसर्स केबीपीएल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. शामिल है। इन्हें सेक्टर-22ई में कारपोरेट ऑफिस के लिए भूखंडों का आवंटन किया गया। इससे प्राधिकरण को 18.05 करोड़ का निवेश प्राप्त होगा। जबकि 474 नए रोजगार का सृजन होगा। 


डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि सेक्टर-29 में प्रस्तावित अपैरल पार्क, एमएसएमई पार्क और हैंडीक्राफ्ट ओडीओपी पार्क योजना में 31 जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे। इच्छुक निवेशक निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। योजना के तहत नियमानुसार 4000 वर्गमीटर से छोटे प्लॉट का आवंटन ड्रा के माध्यम से किया जाएगा। जबकि 4000 वर्गमीटर से बड़े भूखंडों का आवंटन प्रजेंटेशन और इंटरव्यू के माध्यम से किया जाएगा।


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