राष्ट्र सेविका समिति ने की वित्तमंत्री से बजट पर चर्चा

नई दिल्ली। भारतीय महिलाओं के सबसे बड़े संगठन राष्ट्र सेविका समिति के एक शिष्ट मंडल ने देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन को आगामी बजट संबंधी कुछ सुझाव दिए। अगले वित्त वर्ष का बजट महिलाओं के लिए किस तरह से लाभदायक हो सकता है इस विषय पर लगभग आधा घंटा वित्त मंत्री से चर्चा की।


वित्त मंत्री को सुझाव दिया गया कि महिला उद्यमियों को आसान शर्तों पर ऋण दिया जाना चाहिए विशेषकर सिंगल महिलाओं को विदेशों के मुकाबले भारत में महिला उद्यमियों को ज्यादा मुस्किलों का सामना करना पडता है। वित्त संस्थानों तक महिलाओं की पहुंच आसान बनाई जानी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र संघ औद्योगिक विकास संगठन की एक रिसर्च का हवाला देते हुए वित्त मंत्री को बताया गया कि महिलाएं ऋण चुकाने में पुरूषों के मुकाबले कहीं ज्यादा ईमानदार और अग्रणी हैं, लेकिन फिर भी बैंक और वित्त संस्थान महिला उद्यमियों के साथ लोन देने में भेदभाव बरतते हैं। राष्ट्र सेविका समिति ने सुझाव दिया कि दस लाख रूपये तक की सालाना आय पर दस प्रतिशत, बीस लाख रुपये की आय पर बीस प्रतिशत और तीस लाख से ऊपर की आय पर तीस प्रतिशत की छूट दी जानी चाहिए।  महिलाओं को अधिक इनकम टैक्स छूट देने का सुझाव भी दिया गया है विशेषकर सिंगल, विधवा, तलाकशुदा और अपने माता-पिता की देखभाल कर रही महिलाओं के लिए। युवतियों की स्किल ट्रेनिंग के लिए बजट में ज्यादा राशि का प्रावधान किया जाना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा युवतियां काम सीखकर आत्मनिर्भर बन कर देश की प्रगति में योगदान दे सकें। आदिवासी क्षेत्रों की लड़कियों की शिक्षा की दिशा में सरकार ने तो अच्छे प्रयास किये हैं, लेकिन उनके स्वास्थ्य और हाईजिन की दिशा में केंद्रित और बेहतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।


छ: सदस्यीय शिष्ट मंडल में उद्योगपति और चांर्टेड अकाउंटेन्ट वंदना गोयल, नीति आयोग की वित्त समिति की सदस्य बिन्दु डालमिया, उद्यमी और शिक्षाविद् प्रीति गोयल, आर्थिक मामलों की स्वतंत्र पत्रकार प्रीति बजाज, सन्मार्ग हिन्दी दैनिक की डिप्टी एडिटर (न्यूज) सर्जना शर्मा और समाज सेविका विजया शर्मा शामिल थीं। महिलाओं से जुड़े सुझावों के अलावा शिष्ट मंडल ने कुछ अन्य सुझाव भी दिए जैसे कि – सीएसआर की दर बढ़ाई जानी चाहिए। ये दर दो फीसदी के बजाय कंपनियों के टर्न ओवर के अनुसार तय की जानी चाहिए। विरासत में मिली पुश्तैनी संपत्ति पर इनहैरिटेंस टैक्स लगाने का सुझाव भी दिया गया। अमेरिका, इग्लैंड, नीदरलैंड, स्पेन और बेल्जियम में ये टैक्स लगाया जाता है, इसके अलावा भी समिति ने बहुत से सुझाव वित्त मंत्री को पेश किए हैं। लगभग आधा घंटा चली इस विशेष मुलाकात में वित्त मंत्री ने न केवल सुझावों को ध्यान से सुना बल्कि कुछ मुद्दों पर विस्तार से चर्चा भी की। वित्त मंत्री ने शिष्ट मंडल को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।