निर्भया काण्ड दुर्लभतम मामला नहीं, परिस्थिति जन्य अपराध,राष्ट्रपति क्षमादान करें - दारा सेना

धर्मरक्षक श्री दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष  की अध्यक्षता में हुई हिन्दू संगठनों की बैठक में निर्भया से बलात्कार करने के आरोपियों को फांसी पर लटकाने से बलात्कार की समस्या का समाधान निकालने पर विचार विमर्श किया गया। इस मामले पर सभी हिन्दू संगठनों ने एक मत राय दी कि निर्भया उर्फ ज्योति के सि़द्ध दोष बलात्कारियों विनय शर्मा,पवन गुप्ता,मुकेश सिंह और अक्षय को फांसी पर लटकाने से बलात्कारियों को न तो कोई सबक नहीं मिलेगा और न ही बलात्कार की घटनायें कम होगी।


बैठक में दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुकेश जैन ने कहा कि निर्भया की मां श्रीमती आशा देवी को निर्भया के बलात्कारियों द्वारा सात साल से जेल की कष्टदायक जिंदगी बिताने और उनके रोते बिलखते मां-बाप पत्नी में अपनी छवि को देखकर उन्हें माफ कर देना चाहिये। इससे प्रतिशोध की ज्वाला में जल रही श्रीमती आशा देवी को वह शान्ति मिलेगी जिसका उन्होंने पिछले 7 साल में आज तक कभी भी अनुभव नहीं किया।


बैठक में श्री जैन ने कहा कि आज के परिपेक्ष में यह विचारणीय और मन्थन योग्य प्रश्न है कि निर्भया काण्ड से पहले जिस दिल्ली में प्रतिवर्ष 600 बलात्कार होते थे वो आज 2400 कैसे हो गये।दिल्ली में न बलात्कार कम हुए है ओर न ही हत्यायें। जिससे साफ होता है कि दिल्ली में बलात्कार और हत्यायें दुर्लभ से दुर्लभ मामले न होकर रोज मर्रे के मामले है जबकि फांसी दुर्लभ से दुर्लभ मामलों में ही दी जा सकती है। ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी सी आई ए के ऐजेन्ट अरविन्द केजरीवाल और उसकी नक्सली ईसाई आतंकवादी अमेरीकी फंडिंग टुकड़े - टुकड़े गैंग की नक्सली एन जी ओं द्वारा किये गये प्रदर्शनों और बिकाउ मिडिया के मीडिया ट्ायल से प्रभावित होकर पूर्वाग्रह से दूषित होकर गलत फैसला दिया है। दुर्लभतम मामला न होने पर भी कानून का उल्लंघन करके निर्भया के बलात्कारियों को परिस्थिति जन्य अपराध के लिये फांसी की सजा दी हैं जो गलत है। श्री जैन ने कहा कि यदि निर्भया के बलात्कारी फांसी पर लटकते है तो यह टुकड़े-टुकड़े गैग और उनकी नक्सली ईसाई आतंकवादी स्वाति मालीवाल की जीत होगी जो लगातार मीडिया की खरीद फरोख्त करके इस मामले को इस लिये हवा दे रहे हैं ताकि इन देशद्रोहियों द्वारा फैलाये जा रहे नक्सली ईसाई आतंकवाद से देश और मीडिया का ध्यान भटकाया जा सके।


बैठक में बिहारी  भाई सुरक्षा समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेणु गुप्ता ने कहा कि हमें अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर सदैव सावधान रहना चाहिये। खास तौर से दिल्ली में पढ़ाई या नौकरी कर रही पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की बेटियों की सुरक्षा को लेकर खास सावधानी जरूरी है। हमें अपनी बेटियों को रात में आवारा लड़कों के साथ घूमने और फिल्म देखने से रोकना चाहिये। इडिया गेटसफदर जग मदरसेपुराना कले और बसों जैसी सार्वजनिक जगहों पर अश्लील हरकते न करने की हिदायत देनी चाहिये। ताकि किसी निर्भया या ज्योति पर दिल्ली में कोई बेटा बुरी नजर न डाल सके। श्रीमती रेणु गुप्ता ने सरकार और न्यायपालिका से अनुरोध किया कि वें विनय शर्मा,पवन गुप्ता,मुकेश सिंह और अक्षय ठाकुर के वकील श्री ए पी सिंह के उस बयान पर भी गौर फरमाये जिसमें उन्होंने कहा था कि निर्भया यदि उनकी बेटी होती तो वें उसे जिन्दा जला देते। जिसमें उन्होंने साफ संदेश दिया कि सार्वजनिक जगहों पर शालीनता का गहना ही लड़कियों की सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार है। श्रीमती रेणु गुप्ता ने बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की लड़कियों को हिदायत दी कि वें सार्वजनिक स्थलों पर शालीन रहे ताकि अक्षय ठाकुर जैसा बिहार से खाने कमाने आया कोई बेटा बहक कर ऐसी हरकत न कर सके कि उसकी परिवार और नव ब्हायता पत्नी सदा-सदा के लिये रोती बिलखती रहे।


बैठक में हिन्दू संगठनों ने निर्भया के बलात्कारियों को फांसी पर लटकाना टुकड़े-टुकड़े गैग की जीत बताते हुए महामहिम राष्ट्रपति जी से अनुरोध किया कि महामहिम निर्भया उर्फ ज्योति और उसके गोरखपुरिया दोस्त द्वारा सार्वजनिक बस में की जा रही उकसाने वाली हरकतों पर गौर करते हुए निर्भया के दोषियों का परिस्थिति जन्य गुनाह के लिये माफ करने की कृपा करें। उनका यह क्षमादान न केवल गुनहगारों के परिवारों को फिर से सम्भलनें में सहायक सि़द्ध होगा बल्कि उनके रोते बिलखते मां-बाप पत्नी और बच्चों के आसू पौंछने में भी मददगार होगा।