मछुआ समाज को अनुसूचित जाति में सूचीबद्ध किया जाय : डॉ निषाद
नई दिल्ली :18 अगस्त को निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) द्वारा प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी का गठन 16 अगस्त 2016 को उत्तर प्रदेश, बिहार एवं अन्य राज्यों में मछुआ समाज की जातियों के साथ हो रहे सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया था।
उन्होंने कहा कि सेंसस मैनुअल 1961 के अनुसार उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति सूची में मझवार, तुरैहा और तरमाली पासी अंकित हैं। किंतु वर्ष 1991 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने मछुआ समाज की सभी उपजातियों/पुकारू नामों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची में भी शामिल कर दिया। उदाहरणस्वरूप, तुरैहा जाति उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति सूची के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में भी दर्ज है। इसी क्रम में केवट, मल्लाह, बिंद, कहार, कश्यप, धीवर, रायकवार, भर, राजभर, निषाद समेत सभी उपजातियां मझवार, तुरैहा और तरमाली की उपजातियां मानी जाती हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार राज्य, बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग होकर 1912 में अस्तित्व में आया था, किंतु यह हमारे लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि बिहार की पूर्ववर्ती सरकारों ने भी अपनी-अपनी जातियों को पिछड़ा एवं अनुसूचित वर्ग का लाभ दिलाने के प्रयास में, बिहार के मछुआ समाज को अनुसूचित जाति का हकदार होने के बावजूद पिछड़ी जाति की सूची में शामिल कर दिया। यदि बंगाल में मछुआ समाज अनुसूचित जाति की सूची में दर्ज है, तो बिहार में मछुआ समाज को उनके अधिकार से वंचित क्यों रखा गया—इसका उत्तर वहाँ की पूर्ववर्ती सरकारों को देना होगा।
श्री निषाद ने कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश के मछुआ समाज के साथ पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा किए गए भेदभाव ने उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा बना दिया है। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी अपने राष्ट्रीय अधिवेशन के माध्यम से प्रधानमंत्री से यह मांग करेगी कि बिहार और उत्तर प्रदेश में मछुआ समाज को अनुसूचित जाति का हकदार और सूचीबद्ध होने के बावजूद अब तक वंचित रखा गया है। मछुआ समाज आज भी आशाभरी निगाहों से केंद्र सरकार की ओर देख रहा है कि जिस प्रकार देश के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान किया गया है, उसी प्रकार अन्था सायमन अँग्यार समिति की रिपोर्ट को लागू कर विमुक्ति जाति एवं जनजातियों को न्याय दिलाया जाए। साथ ही, उत्तर प्रदेश में मझवार, तुरैहा और तरमाली की सभी उपजातियों को, उत्तराखंड राज्य में शिल्पकार जाति समूह के शासनादेश की तर्ज पर परिभाषित कर, मछुआ समाज को उनके वंचित हक और अधिकार दिलाए जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सदैव मछुआ समाज की चिंता करते आए हैं। इसका प्रमाण है कि प्रभु श्रीराम मंदिर के निमंत्रण पत्र को स्वयं प्रधानमंत्री अयोध्या के एक निषाद परिवार को देकर आए थे। प्रभु श्रीराम के आत्मबल सखा महाराजा गुह्यराज निषाद की नगरी श्रृंगवेरपुर धाम का विकास कर केंद्र और राज्य सरकार ने निषाद समाज के प्रति अपने स्नेह और लगाव को स्पष्ट किया है। प्रधानमंत्री ने प्रयागराज की धरती पर संगमराज निषाद की नगरी में महाराजा गुह्यराज निषाद की जयकार नौ बार उद्घोषित कर निषाद समाज का सम्मान बढ़ाया।
श्री निषाद ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के कार्यकाल में श्रृंगवेरपुर धाम की खुदाई तो कराई गई थी, किंतु वहाँ विकास का कोई कार्य तो दूर की बात है एक ईंट भी नहीं रखी थी। श्रृंगवेरपुर धाम के वास्तविक विकास का कार्य केवल और केवल हिंदू सम्राट नरेंद्र मोदी ने किया है, जिसके कारण आज हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिला है। मछुआ समाज को पूर्ण विश्वास है कि मछुआ आरक्षण का मुद्दा भी सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हल कर सकते हैं।
श्री निषाद ने बताया कि निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी के विस्तार, बिहार राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की भूमिका, उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय चुनाव को लेकर पार्टी का रुख, संगठन में क्रियाशील एवं अक्रियशील पदों पर नियुक्ति और हटाने की प्रक्रिया, तथा उत्तर प्रदेश इकाई में 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बदलाव और लक्ष्य निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
श्री निषाद ने बताया की उत्तर प्रदेश सरकार में 2022 में मत्स्य विभाग की जिम्मेदारी उन्हें भाजपा शीर्ष नेत्तृव और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दी गई। मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानता हूं कि जिस समाज के लिए मैं लड़ाई लड़ रहा था उसी समाज की सेवा करने के लिए मत्स्य मंत्री बनाया गया है। मुझसे पहले भी कई मंत्री उत्तर प्रदेश में रहे हैं कितुं मेरे 3 साल के कार्यकाल में प्रदेश में आज कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही है। जैसे की (प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए), प्रधानमंत्री दुर्घटना बीमा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषाद राज बोट योजाना, माता सुकेता केज कल्चर, सघन मत्स्य पालन हेतु एरियेशन, मोपेड विथ आईस बॉक्स, ग्राम समाज तालाब पट्टा, एनएफडीबी पंजीकरण, सहकारी समितियों का गठन एवं पंजीकरण के साथ ही उत्तर प्रदेश देश का प्रथम राज्य है जहां मत्स्य पालक कल्याण कोष की स्थापना की गई है। इस कोष के माध्यम से मछुआ समाज को चिकित्सा, शिक्षा, दैवीय आपदा सहायता, प्रशिक्षण, नाव जाल क्रय, विवाह सहायता, सहित अन्य अनेक योजनाओं प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मछुआ समुदाय को प्रदान किया जा रहा है।
इस दैरान पूर्व सांसद (गोरखपुर व संतकबीरनगर) ई0 प्रवीण निषाद, राष्ट्रीय महासचिव महेंद्र सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
